कर्नल पर हमले के मामले में FIR में देरी पर पंजाब सरकार को स्पष्टीकरण देने के आदेश
चंडीगढ़, 25 मार्च (ट्रिन्यू)
Colonel Attack Case: पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने मंगलवार को पंजाब सरकार को आदेश दिया कि वह सैन्य अधिकारी पर हुए हमले की एफआईआर दर्ज करने में हुई देरी का कारण दो दिनों के भीतर स्पष्ट करे।
न्यायमूर्ति संदीप मौदगिल ने इस मामले में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सीबीआई और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। साथ ही, कोर्ट ने पंजाब सरकार से यह भी पूछा कि एक पुलिस अधिकारी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत पर अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई, जिसमें उसने खुद पर हमले और चोट लगने का दावा किया था।
गत सप्ताह, पटियाला पुलिस के 12 कर्मियों, जिनमें तीन निरीक्षक भी शामिल थे, को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए थे। इन पुलिसकर्मियों पर आरोप है कि उन्होंने कर्नल और उनके बेटे के साथ मारपीट की थी। घटना के चार दिन बाद, पटियाला पुलिस ने सेना से माफी मांगते हुए आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
क्या है मामला?
सेना मुख्यालय, नई दिल्ली में तैनात कर्नल पुष्पिंदर बाठ ने आरोप लगाया कि 13 मार्च की रात पटियाला में तैनात पुलिसकर्मियों ने उन पर हमला किया था। इस हमले में उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनके बेटे अंगद सिंह को भी बुरी तरह पीटा गया।
अंगद सिंह ने बताया, “यह एक बर्बर हमला था, जिसमें मेरे पिता के बाएं हाथ में फ्रैक्चर हो गया और उन्हें कई अन्य चोटें भी आईं। जब मैंने अपने पिता को बचाने की कोशिश की, तो 10 से अधिक पुलिसकर्मियों ने मुझ पर हमला कर दिया।”
कर्नल की पत्नी जसविंदर बाठ के अनुसार, घटना के समय उनका परिवार राजिंद्रा अस्पताल के पास स्थित एक ढाबे पर मौजूद था। जब कर्नल और उनका बेटा कार के पास खड़े होकर खाना खा रहे थे, तभी कुछ पुलिसकर्मी वहां पहुंचे और उनसे कार हटाने के लिए कहा। जब कर्नल पुष्पिंदर बाठ ने उनके बोलने के तरीके पर आपत्ति जताई, तो एक पुलिसकर्मी ने उन्हें घूंसा मार दिया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उनके पति और बेटे को बुरी तरह पीटा, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिसकर्मियों का पक्ष
वहीं, निलंबित किए गए एक पुलिसकर्मी ने दावा किया कि “कर्नल और उनके बेटे ने पहले हम पर हमला किया था। वे खुले में शराब पी रहे थे और जब हमने उन्हें टोका, तो उन्होंने हम पर हमला कर दिया।”
ढाबे के मालिक करण ने बताया कि “कर्नल और उनके बेटे ने खाना ऑर्डर किया था और वे कार के पास खड़े होकर शराब पी रहे थे। इस दौरान वहां दो अन्य गाड़ियां भी आ गईं। दोनों पक्ष सिविल ड्रेस में थे और पार्किंग को लेकर विवाद शुरू हो गया, जिसके बाद झगड़ा हुआ।”