सेना ने कहा- निष्पक्ष जांच हो, डीजीपी बोले- दोषी पुलिस कर्मी बख्शे नहीं जायेंगे
चंडीगढ़, 25 मार्च (ट्रिन्यू/एजेंसी)
पटियाला में एक कर्नल से मारपीट मामले में सेना ने मंगलवार को निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि पंजाब पुलिस के उन कर्मचारियों के खिलाफ अनुकरणीय और समयबद्ध कार्रवाई होनी चाहिए, जिन्होंने 13 मार्च को कर्नल से मारपीट की थी। वहीं पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि दोषी पुलिस कर्मचारियों से सख्ती से निपटा जाएगा।
कर्नल पुष्पिंदर सिंह बाठ ने 12 पुलिसकर्मियों पर 13-14 मार्च की रात को पार्किंग विवाद को लेकर उनसे और उनके बेटे से मारपीट करने का आरोप लगाया है।
पश्चिमी कमान के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल मोहित वधवा ने यहां डीजीपी यादव के साथ संयुक्त मीडिया ब्रीफिंग में ‘दोषियों को दंडित करने और व्यवस्था में विश्वास बहाल करने के लिए निष्पक्ष और पारदर्शी जांच’ की आवश्यकता दोहराई।
लेफ्टिनेंट जनरल वधवा ने कहा,’आरोपियों को समय रहते दंडित किया जाना चाहिए ताकि इस घटना से नागरिक प्रशासन तथा सेवारत एवं सेवानिवृत्त सैन्यकर्मियों के बीच सौहार्द खराब न हो।’ दिल्ली में कैबिनेट सचिवालय में तैनात कर्नल बाठ फिलहाल चंडीमंदिर के कमांड अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। उन्होंने उसी दिन पुलिस को शिकायत दे दी थी, लेकिन पुलिस ने 22 मार्च को प्राथमिकी दर्ज की।
एफआईआर में देरी पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कर्नल से मारपीट मामले में प्राथमिकी दर्ज करने में हुई देरी को लेकर पंजाब सरकार से स्पष्टीकरण मांगते हुए उसे 28 मार्च तक विस्तृत जवाब दाखिल करने का मंगलवार को निर्देश दिया। कर्नल पुष्पिंदर सिंह बाठ ने सोमवार को हाईकोर्ट में एक याचिका दायर करके मामले की जांच सीबीआई या किसी अन्य स्वतंत्र एजेंसी को सौंपने का अनुरोध किया।