HKRN कर्मचारियों को हटाने पर कुमारी सैलजा ने सरकार को घेरा
इकबाल सिंह शांत/निस, डबवाली, 1 अप्रैल
Haryana News: पूर्व केंद्रीय मंत्री व सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि एक ओर सरकार हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा की गारंटी दे रही है, तो दूसरी ओर विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को हटाने में लगी हुई है।
उन्होंने कहा कि सरकार झूठी घोषणाएं कर जनता को गुमराह कर रही है, लेकिन अब जनता इस जुमलेबाज सरकार की असलियत को पहचान चुकी है। कांग्रेस इन हटाए गए कर्मचारियों के साथ खड़ी है और न्याय मिलने तक उनके संघर्ष में साथ रहेगी।
सांसद कुमारी सैलजा ने अपने बयान में कहा कि भाजपा सरकार ने जो भी वादा किया, वह झूठा साबित हुआ। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने पहले घोषणा की थी कि 15 अगस्त 2024 तक पांच साल का कार्यकाल पूरा करने वाले एचकेआरएन कर्मचारियों को नौकरी से नहीं निकाला जाएगा और उन्हें 58 वर्ष की आयु तक सुरक्षा की गारंटी दी जाएगी, लेकिन जनवरी में सरकार ने विभिन्न विभागों में कार्यरत सैकड़ों कर्मचारियों को हटाकर अपने ही वादे से मुकर गई।
कुमारी सैलजा ने कहा कि इसके विरोध में कर्मचारियों ने रोष प्रदर्शन भी किया, लेकिन सरकार ने उनकी एक नहीं सुनी। अब हरियाणा कौशल रोजगार निगम द्वारा वन विभाग में कार्यरत कर्मचारियों को हटाकर ईद के मौके पर बड़ा झटका दिया गया है, जिसमें सिरसा के रानियां ब्लॉक के कर्मचारी भी शामिल हैं। पंचकूला मुख्यालय के अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने इन कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का आदेश जारी किया है।
सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि अब तक एचकेआरएन के तहत विभिन्न विभागों में कार्यरत करीब 1200 कर्मचारियों को हटाया जा चुका है, जिससे उनमें भारी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार कर्मचारियों से किया गया वादा ही भूल गई है और जानबूझकर उनके साथ धोखा कर रही है। भाजपा सरकार ने चुनाव से पहले वादा किया था कि किसी भी कर्मचारी को सेवानिवृत्ति की उम्र तक नहीं हटाया जाएगा, लेकिन अब सरकार अपने ही फैसले से मुकर रही है।
उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि अगर कर्मचारियों को नौकरी से हटाना ही था, तो सुरक्षा की गारंटी देने का झूठा वादा क्यों किया गया था? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने नियमित भर्ती न करके एचकेआरएन के तहत एक लाख 20 हजार युवाओं को रोजगार दिया, लेकिन समान काम के लिए समान वेतन की नीति को दरकिनार कर उनका शोषण किया। कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस इन कर्मचारियों के साथ खड़ी है और उनकी न्याय की लड़ाई में पूरा समर्थन देगी।