Fraud In Haryana : 50 हजार से अधिक श्रमिकों की वर्क स्लिप वेरिफाई करना पटवारी को पड़ा महंगा, विभाग ने किया सस्पेंड
जसमेर मलिक/हमारे प्रतिनिधि
जींद, 31मार्च
Fraud In Haryana : जींद में पटवारी को 50 हजार से ज्यादा श्रमिकों की वर्क स्लिप वेरिफाई करना महंगा पड़ा है। पटवारी को इसके लिए सस्पेंड किया गया है। शिकायत होने पर मामले की जांच चल रही थी। जांच के बाद पटवारी को सस्पेंड कर मुख्यालय अंबाला किया गया है। बीडीपीओ अक्षयदीप सिंह ने पटवारी के सस्पेंशन की पुष्टि की है।
श्रमिकों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी
फरवरी के पहले सप्ताह जींद के अलेवा क्षेत्र के ग्राम सचिव विरेंद्र ने श्रम विभाग को शिकायत की थी। कहा गया था कि एक ही पटवारी संदीप द्वारा जींद के अलावा प्रदेश भर के श्रमिकों की 50 हजार से ज्यादा वर्क स्लिप वेरिफाई की गई। इसमें फर्जीवाड़ा हुआ है। श्रम विभाग ने जांच शुरू की। संदीप पटवारी द्वारा वेरिफाई की गई सभी लेबर कॉपियों को होल्ड कर दिया। इसके बाद श्रमिकों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। होल्ड की गई लेबर कॉपियों को दोबारा से शुरू करने की मांग को लेकर यूनियनों ने प्रदर्शन किए।
दरअसल लेबर डिपार्टमेंट से रजिस्टर्ड श्रमिकों ने साल में कितने दिन कहां पर काम किया, इसकी वर्क स्लिप बनवाकर अधिकृत अधिकारी से वेरिफाई करवानी होती है। श्रमिकों ने अपनी लेबर कॉपी अलेवा में तैनात संदीप पटवारी से वेरिफाई करवा ली। इसमें जींद जिले की 32 हजार कॉपी थी। मामले की विभागीय जांच में ये भी पता चला कि सैकड़ों ऐसी वर्क स्लिप हैं, जिनमें मजदूर ने काम भी नहीं किया और उन्हें भी वेरिफाई किया गया है।
जांच में दोषी मिला संदीप पटवारी
श्रम विभाग और पंचायत विभाग द्वारा इस मामले की अलग-अलग जांच की गई। इसमें संदीप पटवारी को दोषी ठहराया गया और उसे तुरंत प्रभाव से सस्पेंड करने के आदेश जारी किए गए। सोमवार को अलेवा के बीडीपीओ कार्यालय और पटवारी संदीप को सस्पेंशन लैटर मिला। अलेवा के बीडीपीओ अक्षयदीप ने बताया कि उनके पास पटवारी को सस्पेंड किए जाने का आधिकारिक पत्र आ गया है और इस पत्र से पटवारी को अवगत करवा दिया गया है।