बागवानों की कुर्बानी: सड़क के लिए काटे सेब के पेड़, 15 गांवों को मिला रास्ता
दलाश क्षेत्र के 15 गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए स्थानीय बागवानों ने मिसाल कायम की है। उन्होंने अपने बहुमूल्य सेब के दर्जनों पेड़ खुद काटकर सड़क निर्माण का रास्ता साफ किया। उनके इस समर्पण से लोक निर्माण विभाग ने कंडागई-सौर सड़क का निर्माण पूरा कर लिया है।
इस सड़क से बिउंगल, बखनाओं और जाबन पंचायतों के हजारों ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा। सड़क तो बन गई, लेकिन अब वहां बस स्टॉप की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इसके लिए भी स्थानीय बागवानों ने खुद पहल की है।
पूर्व सैनिक देवेंद्र कुमार कौशिक ने बताया कि बागवान लंगू राम, राकेश कुमार, दिनेश कुमार, धनी राम और ख्याले राम ने अपने बगीचों के कई पुराने सेब के पेड़ काटकर सड़क और बस स्टॉप के लिए भूमि समर्पित की। इनमें से कई पेड़ 30 साल से अधिक पुराने थे।
लोक निर्माण विभाग ने ग्रामीणों का जताया आभार
ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता ज्ञान भारती का आभार जताया, जिनकी देखरेख में सड़क निर्माण पूरा हुआ। सड़क बनने से पहले यहां के सेब उत्पादकों को अपने फल बाजार तक पहुंचाने में भारी कठिनाई होती थी। अब परिवहन सुविधा मिलने से क्षेत्र में आर्थिक प्रगति की संभावना बढ़ गई है।