Namaz Row : मेरठ पुलिस की चेतावनी... अगर सड़क पर पढ़ी नमाज तो पासपोर्ट सहित ये जरूरी डॉक्यूमेंट हो जाएगा रद्द
मेरठ (उप्र), 28 मार्च (भाषा)
Namaz Row : ईद-उल-फितर और रमजान के आखिरी शुक्रवार की नमाज से पहले, मेरठ पुलिस ने सड़क पर नमाज अदा करने वालों के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी की है और कहा है कि उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी जिसके तहत उनके पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस भी रद्द किए जा सकते हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) आयुष विक्रम सिंह ने कहा है कि ईद की नमाज स्थानीय मस्जिदों या नामित ईदगाहों में अदा की जानी चाहिए और कोई भी व्यक्ति सड़कों पर नमाज ना पढ़े। सिंह ने 'पीटीआई वीडियो' से कहा, ‘‘ पिछले साल कुछ लोगों ने निर्देशों का उल्लंघन किया और सड़कों पर प्रार्थना की। इस मामले में 80 से अधिक लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस बार नियम का उल्लंघन करने वाले के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"
इस संबंध में पहले ही नोटिस जारी किए जाने का जिक्र करते हुए सिंह ने चेतावनी दी कि सड़क पर नमाज पढ़ने वाले लोगों के पासपोर्ट और लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा, "यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं तो उसके पासपोर्ट और लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं और अदालत से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के बिना नया पासपोर्ट प्राप्त करना मुश्किल हो जाएगा। ऐसे दस्तावेज तब तक जब्त रहेंगे जब तक कि व्यक्ति अदालत से बरी नहीं हो जाता।"
मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विपिन ताडा ने 'पीटीआई वीडियो' को बताया कि सुरक्षा एजेंसियां शांतिपूर्ण उत्सव सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन, धर्मगुरुओं और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर काम कर रही हैं। जिला और पुलिस स्टेशन दोनों स्तरों पर बैठकें आयोजित की गई हैं और सभी पक्षों के साथ चर्चा के आधार पर आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
उन्होंने कहा, "सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाह फैलाने या अशांति भड़काने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हम सोशल मीडिया मंचों पर कड़ी नजर रख रहे हैं और सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने की किसी भी कोशिश से सख्ती से निपटा जाएगा।"
ताडा ने बताया कि सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवानों को तैनात किया गया है और जिले में फ्लैग मार्च किया जा रहा है। पिछले अनुभवों के आधार पर संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की गई है और वहां विशेष व्यवस्था की गई है।