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आपकी राय

08:10 AM Mar 27, 2024 IST
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परीक्षा की घड़ी

लोकतंत्र में लोकसभा चुनावी बिगुल बजते ही मतदाता की परीक्षा की घड़ी शुरू हो जाती है। लोकतंत्र की मजबूती के लिये विवेकशील मतदाता को ऐसे जनप्रतिनिधि का चुनाव करना चाहिए, जो धर्मनिरपेक्ष हो, जाति-क्षेत्रवाद विचारधारा से ऊपर राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने वाला हो। साथ ही संवैधानिक मूल्यों का पालक, जनसेवक हों।
अनिल कौशिक, क्योड़क, कैथल


बदलाव की बयार

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में वामपंथी छात्र संगठनों ने इस बार अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं संयुक्त सचिव पर शानदार जीत हासिल की। वामपंथी संगठनों के समर्थन से अंबेडकर फुले स्टूडेंट एसोसिएशन ने भी सचिव पद पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद छात्र संगठन ने इस चुनाव में पूरे दमखम से चुनाव लड़ा था लेकिन बड़ी हार का सामना करना पड़ा है।
विरेंद्र कुमार जाटव, दिल्ली

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हमारी जिम्मेदारी

जीवनयापन के लिए अनिवार्य कार्यों को छोड़कर मनुष्य धरती पर निरंतर चलने वाले लंबे युद्ध और कई तरह के प्रदूषण फैला रहा है। मगर पर्यावरण जैसी समस्या को सिर्फ अंतरराष्ट्रीय या राष्ट्रीय समस्या समझ कर हर आदमी अपनी गतिविधियां जारी रखे हुए है। पर्यावरण की दृष्टि से कुछ सुधार करने को कोई तैयार नहीं है। दरअसल, वृक्ष लगाने, जल संचय के लिए बाध्य करने वाले कोई सख्त कानून नहीं है।
सुभाष बुडावनवाला, रतलाम


मतदाता मजबूती दे

आम चुनावों की घोषणा के बाद मतदाताओं को जनतांत्रिक तरीके से अपने प्रतिनिधि चुनने का अवसर मिलेगा। स्वस्थ लोकतंत्र में लोकलाज की राजनीति करने वाले नेताओं की बड़ी भूमिका होती है। लेकिन घोषणापत्रों का ढोल पीटने वाले नेता सत्ता के लिए सिद्धांतविहीन राजनीति व दलबदल करने में कोई संकोच नहीं कर रहे हैं। ऐसे में मतदाताओं को प्रलोभनों से मुक्त हो लोकतंत्र को मजबूत करने की जरूरत है।
देवी दयाल दिसोदिया, फरीदाबाद

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