World Sleep Day 2025 : विशेषज्ञों ने अनिद्रा की समस्या के लिए दवाओं के इस्तेमाल के प्रति किया आगाह, गंभीर समस्याओं का हो सकते हैं शिकार
नई दिल्ली, 14 मार्च (भाषा)
तेजी से भागती दुनिया में भविष्य सुधारने के लिए भागदौड़ और चिंताओं के कारण रातों की नींद गायब हो जाती है। कई लोग इस समस्या से निपटने के लिए नींद की दवाइयों का सहारा लेते हैं। ऐसी दवाएं एक आसान समाधान प्रतीत हो सकती हैं, लेकिन विशेषज्ञ गंभीर जोखिमों का हवाला देते हुए स्वास्थ्य पेशेवरों से उचित परामर्श लिए बिना दवाओं के उपयोग को लेकर आगाह करते हैं।
निद्रा चिकित्सा के विशेषज्ञ डॉ. मीर फैजल ने ऐसी दवाओं के व्यापक दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की। डॉ. फैजल ने विश्व नींद दिवस पर कहा कि बहुत से लोग ऐसी दवाओं का उपयोग विशेषज्ञों से परामर्श किए बिना करते हैं। ये दवाइयां अस्थायी राहत प्रदान कर सकती हैं, लेकिन शामक दवाओं के कई प्रतिकूल प्रभाव होते हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि ये दवाएं मस्तिष्क से लेकर हृदय और गुर्दे तक शरीर की विभिन्न प्रणालियों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। विश्व नींद दिवस हर साल 21 मार्च (जब दिन और रात बराबर होते हैं) से पहले शुक्रवार को मनाया जाता है। यह अच्छी नींद के महत्व को रेखांकित करता है।
वर्ल्ड स्लीप सोसाइटी द्वारा 2008 में स्थापित इस दिवस का उद्देश्य अच्छी नींद से स्वास्थ्य संबंधी लाभ के प्रति जागरूकता बढ़ाना, लोगों को नींद संबंधी विकारों के बारे में शिक्षित करना और बेहतर नींद की आदतों को प्रोत्साहित करना है। इस वर्ष विश्व नींद दिवस का विषय है - ‘‘अच्छी नींद को प्राथमिकता दें''। फैजल ने चेतावनी दी कि ऐसी दवाइयों के दुष्प्रभाव शुरू में गंभीर नहीं होते हैं लेकिन समय के साथ दुष्प्रभाव गंभीर होने लगते हैं। जब हम इनका सेवन करते हैं, तो एक और समस्या होती है।
जब हम लंबे समय तक इनका सेवन करते हैं, तो वे ज्यादा असर नहीं करते। इसलिए व्यक्ति अधिक से अधिक खुराक लेता रहता है। और अधिक खुराक के साथ, हमें अधिक दुष्प्रभाव होते हैं। विशेषज्ञ का कहना है कि खराब नींद सिर्फ एक छोटी समस्या नहीं है, बल्कि इससे हृदय रोग, मधुमेह और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।