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कॉलेजियम के विकल्प का सही समय

05:22 AM Mar 26, 2025 IST
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नयी दिल्ली में विभिन्न दलों के राज्यसभा सांसदों के साथ बैठक करते उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़। -प्रेट्र

सत्य प्रकाश/ट्रिन्यू
नयी दिल्ली, 25 मार्च
दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा के आवास से कथित रूप से बेहिसाब नकदी बरामद होने के मामले में उठे विवाद के बीच राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को संसद भवन में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से न्यायिक जवाबदेही और विवाद से जुड़े अन्य मुद्दों पर चर्चा की। सूत्रों ने बताया कि विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधित्व, योग्यता आधारित नियुक्ति प्रणाली में पारदर्शिता की कमी और न्यायपालिका में 'अंकल जज' सिंड्रोम का मुद्दा उठाया।
राज्यसभा के सभापति, जिन्होंने जस्टिस वर्मा के मुद्दे पर पहले कहा था कि राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति समिति (एनजेएसी) अधिनियम को 'पुनर्जीवित' करने का यह सही समय है, क्योंकि इस अधिनियम के तहत सरकार को न्यायिक नियुक्ति पैनल में प्रतिनिधित्व मिलता है।
शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, 'आज की बैठक में कोई निष्कर्ष नहीं निकला। अब सभापति सदन के नेताओं के साथ व्यक्तिगत रूप से इस पर चर्चा करेंगे और किसी निष्कर्ष पर पहुंचेंगे। आने वाले सप्ताह में इस मुद्दे पर सदन में चर्चा हो सकती है।' सूत्रों ने बताया कि टीएमसी सांसदों ने इस मुद्दे पर सदन में चर्चा की मांग की।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार जस्टिस वर्मा के आवास से नकदी बरामद होने के आरोपों की जांच के लिए प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना द्वारा नियुक्त तीन जजों की आंतरिक समिति की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। 14 मार्च को जस्टिस वर्मा के आवास पर आग लगने की घटना हुई थी, जिसमें काफी कैश जल गया था।
सूत्रों ने कहा कि केंद्र सरकार न्यायिक जवाबदेही के मुद्दे पर आम सहमति बनाने और राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति समिति (एनजेएसी) अधिनियम को पुनर्जीवित करने की संभावना पर काम करेगी, जिसे 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने असंवैधानिक घोषित कर दिया था। गौर हो कि कॉलेजियम के िवकल्प की लंबे समय से बात चल रही है।

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सुप्रीम कोर्ट समिति ने शुरू की जांच

सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित तीन सदस्यीय आंतरिक समिति ने कैश कांड की जांच मंगलवार को शुरू कर दी। समिति में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस शील नागू, हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस जीएस संधावालिया और कर्नाटक हाईकोर्ट की जस्टिस अनु शिवरामन शामिल हैं। सूत्रों ने बताया कि समिति के तीनों सदस्य जस्टिस वर्मा के 30, तुगलक क्रीसेंट स्थित आधिकारिक आवास पहुंचे। उन्होंने कहा कि तीनों न्यायाधीश करीब 30-35 मिनट तक आवास के अंदर रहे और निरीक्षण किया।

ट्रांसफर का विरोध इलाहाबाद में वकीलों की हड़ताल

प्रयागराज : इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने जस्टिस यशवंत वर्मा के प्रस्तावित तबादले के विरोध में मंगलवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी।

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