प्रॉपर्टी टैक्स में तीन गुना बढ़ोतरी
एस अग्निहोत्री/हप्र
मनीमाजरा (चंडीगढ़), 31 मार्च
चंडीगढ़ प्रशासन ने शहरवासियों को बड़ा झटका देते हुए प्रॉपर्टी टैक्स में भारी बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें मंगलवार से लागू होंगी, जिससे रेजिडेंशियल और कमर्शियल संपत्तियों के मालिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
प्रशासन की नई अधिसूचना के अनुसार, कमर्शियल, इंडस्ट्रियल और इंस्टीट्यूशनल संपत्तियों पर टैक्स 3% से बढ़ाकर 6% कर दिया गया है। वहीं, रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी टैक्स में तीन गुना वृद्धि की गई है।
नयी टैक्स दरें
सेक्टर-1 से 19, 26, 27 और 28
- खाली प्लॉट पर 7.5 रुपए प्रति वर्ग गज
- सभी फ्लोर्स पर 3.75 रुपए प्रति वर्ग फुट
सेक्टर 20 से 25, 29 से 38, एमएचसी, मनीमाजरा, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 व 2, म्युनिसिपल लिमिट्स के सभी एससीएफ
- खाली प्लॉट पर 6 रुपए प्रति वर्ग गज
- सभी फ्लोर्स पर 3 रुपए प्रति वर्ग फुट
सेक्टर 39 से 56, 61 व 63
- खाली प्लॉट पर 4.5 रुपये प्रति वर्ग गज
- सभी फ्लोर्स पर 2.25 रुपये प्रति वर्ग फुट।
नगर निगम ने किया था खारिज
सात फरवरी को नगर निगम सदन में कमर्शियल प्रॉपर्टी टैक्स को 3 से 12 प्रतिशत और रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी टैक्स को 5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन निगम हाउस में काउंसलर्स ने इसे खारिज कर दिया था। इसके बावजूद प्रशासन ने अपनी शक्तियों का उपयोग कर इसे लागू कर दिया। प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि प्रॉपर्टी टैक्स शहर की जीडीपी का 1 प्रतिशत होना चाहिए। चंडीगढ़ की जीडीपी 65,000 करोड़ रुपये है, लेकिन प्रॉपर्टी टैक्स से मात्र 45 करोड़ रुपये की आय हो रही थी। इसे 500 करोड़ रुपये तक बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया गया है। प्रशासन ने प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाने से पहले मोहाली और पंचकूला से तुलनात्मक अध्ययन भी किया था।
कांग्रेस ने किया विरोध, बताया जनविरोधी फैसला
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष एच. एस. लक्की ने इस फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए इसे “जनता पर जबरन आर्थिक बोझ डालने की साजिश” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और प्रशासन की मिलीभगत से चंडीगढ़ के निवासियों को लूटा जा रहा है। कांग्रेस इस फैसले के खिलाफ पुरजोर विरोध करेगी और इसे वापस लेने की मांग करेगी।