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तेजी से बढ़ते क्षेत्र में अवसर भी सुनहरे

06:36 AM Jun 20, 2024 IST
तेजी से बढ़ते क्षेत्र में अवसर भी सुनहरे
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अशोक जोशी
आज यदि हमारे देश में सबसे अधिक किसी चीज पर इनवेस्टमेंट हो रहा है तो वह लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट ही है। इसने ई-कामर्स के साथ-साथ ऑनलाइन खरीद को आज की पीढ़ी का सबसे पसंदीदा व्यवसाय बना दिया है। पिछले कुछ वर्षों से ई-कॉमर्स कंपनियां जैसे अमेजन, फ्लिपकार्ट व जोमेटो आदि बेहतरीन व्यवसाय कर रही हैं। इन सभी में लॉजिस्टिक्स की भूमिका सर्वोपरि है। व्यस्तता के इस दौर में में लोग घर बैठे चीजें चाहते हैं वह भी कुछ मिनट के भीतर। यह सब लॉजिस्टिक्स से पूरा होता है। लॉजिस्टिक्स न केवल आपकी जरूरतों को पूरा करता है बल्कि कैरियर संवारने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

लॉजिस्टिक्स इंडस्ट्री

लॉजिस्टिक्स इंडस्ट्री वह फील्ड है जिसका कार्य कंज्यूमर्स गुड्स का अच्छी प्रकार से मैनेजमेंट कर उसकी सही डिलीवरी करना है। इसमें और भी कई कार्य जुड़े हैं जैसे कि इन्वेंट्री मैनेजमेंट, पैकेजिंग, वेयरहाउसिंग, लेबलिंग, बिलिंग, शिपिंग, पेमेंट कलेक्शन, सामान की वापसी और एक्सचेंज आदि। इन सभी कार्यों को निष्पादित करने के लिए सटीक जानकारी और गहन अनुभव की आवश्यकता होती है। इसके अलावा लॉजिस्टिक्स में प्रदेशों, सड़कों तथा सड़कों की स्थिति, माल को लाने -ले जाने आदि के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए। वहीं लेबर मैनेजमेंट, कस्टमर को-ऑर्डिनेशन व पर्चेजिंग जैसे क्षेत्र भी लॉजिस्टिक के अंतर्गत आते हैं।

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ऐसा काम करता है लॉजिस्टिक्स

लॉजिस्टिक्स एक क्रमबद्ध प्रक्रिया है। इसकी कार्य प्रणाली में सबसे पहले ई-कॉमर्स स्टोर पर ऑर्डर प्राप्त किए जाते हैं। इस दौरान कस्टमर्स को पेमेंट ऑप्शन प्रदान किए जाते हैं। फिर लिस्ट तैयार की जाती है। आर्डर मिलने और पेमेंट होने पर सामान की पैकेजिंग की जाती है। इसकी इनवाइस और चालान तैयार किये जाते है। कूरियर कंपनी को पार्सल सौंप कर उसे डिस्पेच किया जाता है। आगे का काम कूरियर कंपनी करती है। यह भी लॉजिस्टिक्स का ही एक हिस्सा है।

ई-शॉपिंग ने बढ़ाए कैरियर के अवसर

ऑनलाइन शॉपिंग और डिजिटलाइजेशन के साथ ही ई-कॉमर्स इंडस्ट्री में तेजी का वातावरण निर्मित हुआ है। इस समय इस इंडस्ट्री में जिस तेजी को देखा जा रहा है, वह पहले कभी नहीं देखी गई। इसी के चलते लॉजिस्टिक्स इंडस्ट्री युवाओं के लिए बेहतरीन कैरियर विकल्प के रूप में उभरी है। आज महानगरों से लेकर सुदूर गांव तक इंटरनेट ने ई-कॉमर्स की मार्केट की आसान पहुंच बना दी है, जिसमें सबसे बड़ा योगदान लॉजिस्टिक्स इंडस्ट्री का है। वहीं स्टार्टअप्स भी अपनी इनोवेशन के साथ लॉजिस्टिक का फायदा उठा रहे हैं। इससे न सिर्फ एंटरप्रेन्योरशिप, बल्कि मार्केटिंग, फाइनेंस, वेयरहाउस व ग्राफिक्स के क्षेत्र में जॉब के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

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ढेर सारी पोस्ट हैं इस फील्ड में

लॉजिस्टिक्स एकमात्र ऐसा फील्ड है जिसमें अनस्किल्ड वर्कर से लेकर ट्रक ड्राइवर और डिलीवरी बॉयज से लेकर एक्जिक्यूटिव और मैनेजेरियल जैसी पोस्ट शामिल हैं। चूंकि यह फील्ड बहुत फैला हुआ है इसलिए इसमें सभी तरह के लोगों को कैरियर बनाने के अवसर उपलब्ध हैं। लॉजिस्टिक्स से जुड़े पदों में डिमांड प्लानर, मास्टर प्रोडक्शन शेड्यूलर, सोर्सिंग मैनेजर, एनालिस्ट, कंसल्टेंट, कस्टमर सर्विस मैनेजर, इन्वेंटरी कंट्रोल मैनेजर, मेटीरियल मैनेजर, पर्चेजिंग मैनेजर, सप्लाई चेन मैनेजर, लॉजिस्टिक्स इंजीनियर, लॉजिस्टिक्स मैनेजर, इंटरनेशनल लॉजिस्टिक्स मैनेजर, फुलफिलमेंट सुपरवाइज़र, सप्लाई चेन एनालिस्ट, सप्लाई चेन सॉफ्टवेयर मैनेजर, ट्रांसपोर्टेशन मैनेजर, वेयरहाउस ऑपरेशन्स मैनेजर, शिपिंग कोऑर्डिनेटर तथा एक्सपोर्ट एग्जीक्यूटिव जैसे छोटे-बड़े पद शामिल हैं। इन पदों पर कैरियर बनाने वाले अपनी योग्यता और काम के अनुसार दस हजार रुपए प्रतिमाह से लेकर डेढ़ लाख रुपए प्रतिमाह तक का वेतन प्राप्त कर सकते हैं।

न्यूनतम योग्यता

लॉजिस्टिक्स में कैरियर आरम्भ करने के लिए युवाओं को किसी मान्यताप्राप्त बोर्ड से 12वीं पास होना चाहिए। इसके बाद वे लॉजिस्टिक्स में डिप्लोमा, सर्टिफिकेट या अंडरग्रेजुएट कोर्स कर सकते हैं। लॉजिस्टिक्स में पीजी डिप्लोमा, पोस्टग्रेजुएट कोर्स या एमबीए प्रोग्राम में एडमिशन लेने के लिए किसी भी मान्यताप्राप्त कॉलेज या यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की डिग्री ले सकते हैं। अंडर ग्रेजुएट कोर्स तीन साल और पीजी डिप्लोमा कोर्स चार महीने से लेकर दो वर्ष तक का होता है। दसवीं के बाद भी कुछ संस्थान कोर्स करवाते हैं। इसके अलावा एमबीए कोर्स दो साल का फुल टाइम कोर्स है। ज्यादातर कोर्स डिस्टेंस एजुकेशन के जरिये कराए जाते हैं। सभी पाठ्यक्रमों में लॉजिस्टिक से संबंधित सभी पहलुओं की जानकारी दी जाती है।
लॉजिस्टिक्स के कोर्सेज में लॉजिस्टिक्स एंड शिपिंग, लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट,सप्लाई चेन मैनेजमेंट में एडवांस्ड डिप्लोमा , लॉजिस्टिक्स एंड सप्लाई चेन मैनेजमेंट और मेटीरियल्स एंड लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा शामिल हैं। इसके अलावा इस फील्ड में बैचलर इन सप्लाई चेन मैनेजमेंट, बैचलर ऑफ़ कॉमर्स सप्लाई चेन मैनेजमेंट तथा उच्च अध्ययन के रूप में एमबीए इन लॉजिस्टिक्स एंड सप्लाई चेन मैनेजमेंट तथा एमबीए इन मेटीरियल्स एंड लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट बहुत उपयोगी है।

महत्वपूर्ण संस्थान

इंस्टीट्यूट ऑफ लॉजिस्टिक्स एंड एविएशन मैनेजमेंट, नई दिल्ली, देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी,इंदौर, भारतीय प्रबंधन संस्थान, उदयपुर, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेटेरियल मैनेजमेंट, नवी मुंबई, लाल बहादुर शास्त्री प्रबंधन संस्थान, दिल्ली, एशियन काउंसिल ऑफ लॉजिस्टिक मैनेजमेंट, कोलकाता तथा कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड इकोनॉमिक्स स्टडीज, देहरादून प्रमुख हैं।

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