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यमुना तलहटी के कई सरपंचों ने की बाढ़ बचाव प्रबंध करने की मांग

09:03 AM May 30, 2024 IST
पानीपत के गांव पत्थरगढ़ व तामशाबाद के सामने यूपी के गांव नंगला राई में चल रहा रेत का खनन। -हप्र
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पानीपत, 29 मई (हप्र)
पानीपत जिला के गांव पत्थरगढ़ व नवादा पार के बीच 11 जुलाई, 2023 को यमुना का तटबंध टूटने से आई बाढ़ का दंश आसपास के करीब डेढ़ दर्जन गांव के ग्रामीण व किसान अभी भूले नहीं हैं।
बाढ़ से विभिन्न गांवों के किसानों की हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो गई और सड़के व रास्ते टूटने से ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था।
ग्रामीण तटबंध टूटने का कारण यूपी की तरफ गांव मंडवार व नंगला राई में चल रही रेत की खान को मान रहे हैं। उनका कहना है कि यूपी सरकार की मंजूरी से ठेकेदार यमुना में रेत का खनन करते हैं, लेकिन ठेकेदार अवैध रूप से यमुना में बहुत ज्यादा गहराई तक खनन करते हैं और यमुना नदी में वहां पर कुंड बनने से पानी का बहाव हरियाणा की तरफ हो जाता है। इसलिए यमुना का तटबंध हरियाणा की तरफ से टूट जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि 2013 में भी यमुना का तटबंध टूटने से तलहटी के गांवों के ग्रामीणों को भारी परेशानी हुई थी।
ग्रामीणों का कहना है कि इस बार भी यूपी की तरफ गांव मंडावर व नंगला राई में वहां की सरकार की मंजूरी से खनन चल रहा है और ग्रामीणों को आशंका है कि 2024 में भी बारिश के मौसम में कही यमुना का तटबंध न टूट जाये।
यमुना तलहटी के करीब एक दर्जन गांवों के सरपंचों व सरपंच प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन व हरियाणा सरकार से इस बार पहले से ही बाढ़ बचाव के प्रबंध करने की मांग की है। इस बारे में संजय त्यागी सरपंच सनौली खुर्द, सालीम अहमद सरपंच पत्थरगढ, जोगिंद्र सरपंच नवादा आर, मोहसिन सरपंच जलालपुर द्वितीय, गोविंद शर्मा सरपंच प्रतिनिधि तामशाबाद, प्रदीप कश्यप रामडा आर व राजदीप रावल सरपंच रिचपुर आदि ने जिला प्रशासन से इस बार यमुना में पहले से बाढ बचाव को लेकर सभी प्रबंध पूरे करने की मांग की। सरपंचों का कहना है कि सिंचाई विभाग के एक्सईएन व एसडीओ को पहले से ही यमुना के तटबंध का निरीक्षण करके जरूरत के अनुसार वहां पर पत्थरों की पिचिंग लगाई जाये ताकि यमुना में ज्यादा पानी आने पर तटबंध न टूट सके।

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