फरीदकोट के पूर्व राजा की 25 हजार करोड़ की संपत्ति में मांगा हिस्सा
रामकृष्ण उपाध्याय/ट्रिन्यू
चंडीगढ़, 31 मार्च
दिल्ली के एक व्यवसायी सरदार गुरप्रीत सिंह और नौ अन्य ने चंडीगढ़ जिला न्यायालय में फरीदकोट के पूर्व शासक हरिंदर सिंह बराड़ की 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति में अपना हिस्सा मांगा है।
बराड़ की तीन बेटियों में से एक राजकुमारी महीप इंदर कौर के ‘कानूनी लाभार्थी’ होने का दावा करते हुए उन्होंने कोर्ट में निष्पादन ( एग्जीक्यूशन) याचिका दायर की है। दावेदारों ने कहा कि बराड़ की तीन बेटियां, अमृत कौर, दीपिंदर कौर और महीप इंदर कौर थीं और एक बेटा था। उन्होंने कहा कि बराड़ की मृत्यु के बाद, यह उत्तराधिकारी थे और 25 प्रतिशत प्रति व्यक्ति के बराबर हिस्से में उनकी संपत्ति के वारिस थे। वे महारानी मोहिंदर कौर (मां) और बेटियां अमृत कौर, दीपिंदर कौर और महीप इंदर कौर थीं। उन्होंने कहा कि महीप इंदर कौर की मृत्यु 26 जुलाई, 2001 को हुई थी, और वे 11 दिसंबर, 1995 की तारीख वाली अंतिम वसीयत छोड़ गई थीं। उन्होंने कहा कि उन्होंने उनकी वसीयत और अन्य सहायक दस्तावेजों के आधार पर संपत्तियों में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए निष्पादन ( एग्जीक्यूशन) याचिका दायर की थी। वसीयत के अलावा, दावेदारों ने 11 दिसंबर, 1995 की तारीख वाला एक अपरिवर्तनीय असाइनमेंट डीड और हलफनामा और 19 मार्च, 1998 की तारीख वाली एक पंजीकृत पावर ऑफ अटॉर्नी और हलफनामा भी पेश किया है।
पोते की याचिका भी लंबित : इससे पहले, बराड़ के भाई कंवर मंजीत इंदर सिंह के पोते अमरिंदर सिंह ने सुप्रीमकोर्ट द्वारा इस मुद्दे पर अंतिम रूप से निर्णय लिए जाने के बाद संपत्तियों में अपना 33.33 प्रतिशत हिस्सा वितरित करने के लिए अदालत के समक्ष निष्पादन याचिका दायर की थी। उनकी याचिका अभी भी अदालत के समक्ष लंबित है। बराड़ फरीदकोट की पूर्ववर्ती रियासत के अंतिम शासक थे। उनके बेटे टिक्का हरमोहिंदर सिंह की 1981 में मृत्यु हो गई। अपने बेटे की मृत्यु के बाद, बराड़ अवसाद में चले गए। 16 अक्तूबर, 1989 को राजा की मृत्यु हो गई। उनकी एक बेटी अमृत कौर ने 1992 में चंडीगढ़ जिला न्यायालय में एक दीवानी मुकदमा दायर किया, जिसमें राजा द्वारा निष्पादित वसीयत को चुनौती दी गई और इसकी प्रामाणिकता पर सवाल उठाया गया। एक अन्य मुकदमा कंवर मंजीत इंदर सिंह ने कानूनी उत्तराधिकारियों के माध्यम से दायर किया था।
यह हैं संपत्तियां
राजा की संपत्तियों में फरीदकोट में 14 एकड़ में फैला राज महल, फरीदकोट में किला मुबारक, नयी दिल्ली में फरीदकोट हाउस (कोपरनिकस मार्ग पर प्रमुख भूमि पर स्थित) और चंडीगढ़ के सेक्टर-17 में एक प्लॉट के अलावा मनीमाजरा में एक किला शामिल है। राजा की कई अन्य संपत्तियां देश के अन्य हिस्सों में स्थित हैं।