मुख्यसमाचारदेशविदेशखेलबिज़नेसचंडीगढ़हिमाचलपंजाब
हरियाणा | गुरुग्रामरोहतककरनाल
रोहतककरनालगुरुग्रामआस्थासाहित्यलाइफस्टाइलसंपादकीयविडियोगैलरीटिप्पणीआपकीरायफीचर
Advertisement

एसवाईएल पर आओ लाइव बहस करें : भगवंत मान

08:33 AM Oct 09, 2023 IST
Advertisement

चंडीगढ़/संगरूर, 8 अक्तूबर (हप्र/निस)
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सतलुज यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर के मुद्दे पर विपक्षी दलों की ओर से की जा रही आलोचना के बीच रविवार को भाजपा, कांग्रेस और शिअद को राज्य से संबंधित मुद्दों पर खुली बहस करने की चुनौती दी। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया,‘भाजपा की पंजाब इकाई के अध्यक्ष जाखड़ जी, अकाली दल के सुखबीर सिंह बादल, कांग्रेस के राजा वडिंग व प्रताप बाजवा जी को मेरा खुला आमंत्रण है कि रोज-रोज की किच-किच के बजाय आओ हम पंजाबियों और मीडिया के सामने आकर बैठें। पंजाब को अब तक किसने कैसे लूटा, भाई-भतीजे, साले-जीजे, मित्र-यार, टोल प्लाजे, जवानी, किसानी, व्यापार-दुकानदार, गुरुओं की बाणी, नहरों का पानी... सारे मुद्दों पर लाइव बहस करें। आप अपने साथ कागजात ला सकते हैं, लेकिन मैं सिर्फ बोलूंगा। एक नवंबर ‘पंजाब दिवस’ वाला दिन ठीक रहेगा (बहस के लिए)... आपको तैयारी के लिए समय भी मिल जाएगा... मेरी तो पूरी तैयारी है, क्योंकि सच बोलने के लिए रट्टे नहीं लगाने पड़ते।’
एसवाईएल के मुद्दे पर मान सरकार को विपक्षी दलों की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।
भाजपा ने आप नीत सरकार पर नदी जल पर राज्य के हितों की रक्षा करने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए शनिवार को प्रदर्शन किया था। जाखड़ ने आरोप लगाया था कि सरकार ने एसवाईएल मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में पंजाब के रुख को कमजोर किया है।
जाखड़ ने दावा किया था कि राज्य सरकार ने शीर्ष अदालत में कहा कि सरकार नहर बनाने के लिए तैयार है, लेकिन विपक्षी दल और किसान इसका विरोध कर रहे हैं। शिअद ने एसवाईएल मुद्दे पर 10 अक्तूबर को चंडीगढ़ में भगवंत मान के आधिकारिक आवास का 'घेराव' करने की भी घोषणा की है।

पहले यह बताएं, घुटने क्यों टेके : जाखड़

सीएम भगवंत मान की चुनौती का जवाब देते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि वह प्रदेश के हर मुद्दे पर बहस के लिए तैयार हैं। उन्होंने एक्स पर पोस्ट में कहा, 'तू इधर-उधर की बात न कर, ये बता कि काफिला क्यों लुटा! भगवंत मान जी, हम पंजाब के हर मुद्दे पर बहस के लिए हमेशा तैयार हैं। पहले, आप यह तो बताएं कि पंजाब के पानी के गंभीर मुद्दे पर आपने सुप्रीम कोर्ट में किसके दबाव या राजनीतिक स्वार्थ की पूर्ति के लिए घुटने टेके।’
Advertisement

खुलेआम हो बहस : बाजवा

कांग्रेस नेता प्रताप बाजवा ने मुख्यमंत्री की चुनौती स्वीकार करते हुए कहा, 'यह बहस किसी सरकारी इमारत (विधानसभा) में नहीं, बल्कि सार्वजनिक आम जगह होनी चाहिए। बहस का नेतृत्व देश के सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश या ऐसे व्यक्ति द्वारा किया जाना चाहिए जिस पर चारों राजनीतिक दल सहमत हों। सुनिश्चित करें कि हर मीडिया चैनल इस बहस को कवर करे और विधानसभा सत्र की तरह कैमरों पर नियंत्रण नहीं होगा।’

कल आपके घर ही आ रहा हूं : सुखबीर बादल

शिअद अध्यक्ष सुखबीर बादल ने कहा, 'आपकी चुनौती स्वीकार है। एक नवंबर अभी दूर है। मैं 10 अक्तूबर को आपके घर चंडीगढ़ आ रहा हूं। अगर हिम्मत है तो बाहर आकर मिलना। हम पंजाब के पानी सहित राज्य के हर मुद्दे पर सीधी बात करेंगे, वह भी मीडिया के सामने। सुखबीर ने कहा कि एक बार पंजाब के असली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी वहां बुलाया जाना चाहिए, क्योंकि आपके पास करने के लिए कुछ नहीं है, आप मात्र एक मोहरा हैं।’

Advertisement
Advertisement