Chaitra Navratri Health Tips : नवरात्रि व्रत और फिटनेस... एक साथ कैसे बनाएं अपने शरीर को तंदरुस्त
चंडीगढ़, 31 मार्च (ट्रिन्यू)
Chaitra Navratri Health Tips : नवरात्रि का व्रत एक धार्मिक और आध्यात्मिक अनुभव होता है किन इसके साथ ही यह आपके शरीर और फिटनेस पर भी असर डाल सकता है। अगर आप नवरात्रि व्रत रखते हुए अपनी फिटनेस का ख्याल रखना चाहते हैं तो कुछ टिप्स हैं, जिन्हें आप अपना सकते हैं। इन टिप्स को अपनाकर आप नवरात्रि के दौरान भी अपने शरीर को तंदरुस्त रख सकते हैं। व्रत का उद्देश्य न केवल आत्मिक शांति प्राप्त करना होता है, बल्कि शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य भी बनाए रखना है।
सही आहार का चयन करें
नवरात्रि में फल, दूध, नट्स, और साबूदाना जैसे पौष्टिक फूड्स का सेवन करें। अगर आपने व्रत रखा है तो आलू, सिंघाड़े का आटा, कुट्टू का आटा, कचालू जैसी चीजें खा सकते हैं। इन्हें पकाने में देसी घी का उपयोग करें, ताकि शरीर को पर्याप्त ऊर्जा मिले।
हाइड्रेटेड रहें
खूब पानी पिएं, साथ ही नारियल पानी, छाछ या नींबू पानी जैसे तरल पदार्थ लें, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
हल्का व्यायाम करें
नवरात्रि में योग एक बेहतरीन विकल्प है क्योंकि यह शरीर को लचीला बनाता है और मानसिक शांति भी देता है। प्राणायाम और सूर्य नमस्कार को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
हल्की एक्सरसाइज
व्रत के दौरान ज्यादा कठोर व्यायाम से बचें, लेकिन हल्की वॉक या जॉगिंग आपकी फिटनेस बनाए रखने में मदद कर सकती है। साथ ही हल्के स्ट्रेचिंग व्यायाम से मांसपेशियों की टेंशन कम होगी और शरीर में लचीलापन आएगा।
समय पर भोजन करें
व्रत में दिन में एक या दो बार भोजन होता है इसलिए इसे अच्छे से योजना बनाकर करें। समय पर खाएं और भोजन को छोटे हिस्सों में बांट लें, ताकि पाचन ठीक रहे।
विश्राम और नींद पर ध्यान दें
नवरात्रि के दौरान आध्यात्मिक गतिविधियां ज्यादा होती हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप अपनी नींद को नजरअंदाज करें। रात को 7-8 घंटे की नींद पूरी करें, ताकि शरीर को पर्याप्त आराम मिले और आप ताजगी महसूस करें।
मनोबल बढ़ाएं
नवरात्रि के दौरान मानसिक स्थिति का भी बड़ा असर पड़ता है। मानसिक शांति के लिए ध्यान और मंत्र जाप करें। ये आपके तनाव को कम करने में मदद करेगा, जिससे आपकी फिटनेस पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
व्यायाम में आंतरिक संतुलन बनाए रखें
नवरात्रि व्रत के दौरान आपके शरीर में आंतरिक संतुलन बनाए रखना जरूरी है। शरीर को ओवरलोड करने से बचें और शारीरिक गतिविधियों को संतुलित तरीके से करें।