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एमबीबीएस परीक्षा घोटाले में बड़ी कार्रवाई, रोहतक विश्वविद्यालय के दो कर्मचारी बर्खास्त

05:00 AM Apr 01, 2025 IST
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रविन्द्र सैनी/ ट्रिन्यू
रोहतक, 31 मार्च
पंडित बीडी शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय रोहतक (यूएचएसआर) के अधिकारियों ने एमबीबीएस परीक्षा घोटाले के सिलसिले में दो नियमित कर्मचारियों रोशन लाल (कंप्यूटर ऑपरेटर) और रोहित (सहायक) को बर्खास्त कर दिया है। यूएचएसआर के कुलपति प्रो. एचके अग्रवाल ने बर्खास्तगी की पुष्टि की है। यह घोटाला एमबीबीएस पाठ्यक्रम की वार्षिक और पूरक दोनों परीक्षाओं के लिए विश्वविद्यालय से उत्तर पुस्तिकाओं की हेराफेरी से जुड़ा था, जिसमें छात्र गलत तरीके से उत्तीर्ण अंक प्राप्त करने के लिये कर्मचारियों की मदद से उत्तर पुस्तिकाओं को विश्वविद्यालय में दोबारा जमा करने से पहले उसमें सही उत्तर लिख देते थे।
जनवरी में ‘द ट्रिब्यून’ द्वारा घोटाले का पर्दाफाश करने के बाद दोनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया था। अगले महीने यूएचएसआर ने एक निजी कॉलेज के 24 एमबीबीएस छात्रों और 17 यूएचएसआर कर्मचारियों सहित 41 व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवायी। रोशन लाल और रोहित उन आरोपियों में शामिल थे, जिन्हें बाद में पुलिस ने गिरफ्तार
कर लिया।
सूत्रों ने बताया कि फिलहाल पुलिस जांच चल रही है और राज्य के विभिन्न जिलों में स्थित दो निजी कॉलेजों के छात्रों के नाम घोटाले में सामने आए हैं। जांच के दौरान यूएचएसआर अधिकारियों ने कुछ छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं और अवार्ड लिस्ट में दर्ज अंकों में भी अंतर पाया है, जो सूची में भी गड़बड़ी का संकेत है। सोमवार को कुलपति द्वारा जारी बर्खास्तगी आदेश में कहा गया है कि दोनों कर्मचारियों ने पुलिस पूछताछ के दौरान घोटाले में अपनी संलिप्तता कबूल की है, इसलिए वे सेवा में रहने के योग्य नहीं हैं। बर्खास्तगी के आदेशों में कहा गया है कि पुलिस जांच के दौरान रोशन लाल ने उत्तर पुस्तिकाओं में फेरबदल, हेराफेरी करने के साथ-साथ उन्हें विश्वविद्यालय में वापस जमा करने से पहले उन्हें फिर से ‘सिलने’ की बात स्वीकार की। इसके अलावा, उसके घर से 6 लाख रुपये नकद जब्त किए गए। उसने अपने पद का दुरुपयोग किया। इस तरह की हरकतें एक कर्मचारी के लिए पूरी तरह से अनुचित हैं, और इसलिए, वह विश्वविद्यालय में कार्यरत रहने के लिए अयोग्य है। रोहित के खिलाफ भी बर्खास्तगी के आदेशों में इसी तरह के आरोप लगाए गए हैं।

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