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07:07 AM May 11, 2024 IST
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सुलगते जंगल
हर वर्ष गर्मियों में कुछ राज्यों में जंगलों में भयंकर आग लगने की खबरें पढ़ने, सुनने और देखने को मिलती हैं। आग किसी भी कारण से जंगलों में लगती है, यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। इस कारण कई पौधे आग की बलि चढ़ जाते हैं जो कि प्रकृति से खिलवाड़ है। यह हरी-भरी वादियों के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं। इससे एक तो वन संपदा नष्ट होती है दूसरी ओर कई जंगली जीव-जंतु या फिर पक्षी जलकर नष्ट हो जाते हैं। जंगलों की आग थोड़ी हो या ज्यादा, वह जंगली जीवों को अवश्य भयंकर नुकसान पहुंचाती है। जंगलों में आग लगाने वालों के लिए सख्त कानून बनाए जाने चाहिए।
राजेश कुमार चौहान, जालंधर

हवाई यात्री परेशान
एयर इंडिया द्वारा लगातार फ्लाइट्स कैंसिल करने से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महंगे से महंगा टिकट लेकर यात्री आवश्यक कार्य के लिए शीघ्र गंतव्य तक पहुंचाने के लिए अधिक पैसा चुकाता है। उसके बावजूद उसे फ्लाइट कैंसिल होने की सूचना मिलने पर वह मझधार में फंस जाता है। हवाई कंपनियों द्वारा फ्लाइट निरस्त करने पर या 3 घंटे से अधिक लेट होने पर यात्रियों को मुआवजा देने का प्रावधान भी रखना चाहिए। पायलटों की हड़ताल से यात्रियों को परेशानी से बचाने के लिए उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
विभूति बुपक्या, खाचरोद, म.प्र.

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विवादों के बयान
सैम पित्रोदा ने एक इंटरव्यू देते हुए एक नए विवाद को जन्म दिया और क्षेत्रवाद की नई परिभाषा गढ़ दी। जिसने भारत में जारी राजनीतिक उठापटक और घमासान में आग में घी डालने का काम किया है। वहीं कांग्रेस ने विवाद को बढ़ता देख ओवरसीज अध्यक्ष के वक्तव्य से किनारा करते हुए उनका निजी वक्तव्य करार दिया। भाजपा ने इस मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाया है और इस टिप्पणी की निंदा की है। इस टिप्पणी से निश्चय ही कांग्रेस को ही नहीं बल्कि ‘इंडिया’ गठबंधन को भी लोकसभा चुनाव में भारी नुकसान होने का संकट बना रहेगा।
वीरेंद्र कुमार जाटव, दिल्ली

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