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08:54 AM Dec 27, 2023 IST
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ठोस रणनीति बने

बीते दिनों राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया। दिल्ली के दैनिक औसत प्रदूषण में अचानक वृद्धि के पीछे कोहरे और धुंध सहित प्रतिकूल मौसम संबंधी स्थितियां, कम हवा की गति प्रमुख कारण हैं। लोगों को तरह-तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। वैसे दिल्ली-एनसीआर में गैर-जरूरी निर्माण कार्य, पत्थर तोड़ने और खनन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यद्यपि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग को क्षेत्र में प्रदूषण से शीघ्रता से निपटने के लिए ठोस रणनीति बनानी चाहिए।
मोहम्मद तौकीर, पश्चिमी चंपारण

इंटरनेट के खतरे

तकनीकी युग में इंटरनेट ने जितनी सुविधाएं दी हैं, उसके खतरे भी उतने ही अधिक बढ़ गए हैं। एक ओटीपी से व्यक्ति के सेविंग खाली की तकनीक ने लोगों को सतर्क जरूर किया है, मगर लोग संभले नहीं हैं। अक्सर देखने में आता है कि सरकार फर्जीवाड़े रोकने, व्यवस्था सुधारने आदि के लिए पोर्टल तो शुरू कर देती है मगर थोड़े अच्छे दिनों के बाद समय पर त्वरित निदान के अभाव में वहां शिकायतों का अम्बार लग जाता है। ऐसे में समय पर उचित दंड नहीं मिलते। दोषियों के हौसले बुलंद होते हैं। सरकार त्वरित कार्रवाई पर विशेष फोकस करे।
अमृतलाल मारू, इंदौर, म.प्र.

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संसद की गरिमा

पच्चीस दिसंबर के दैनिक ट्रिब्यून में राजेश रामचंद्रन का लेख ‘लोकतंत्र के मंदिर में पुन: स्थापित हो संसदीय गरिमा’ विषय पर चर्चा करने वाला था। शीतकालीन संसदीय सत्र में जो कुछ भी घटित हुआ वह न केवल शर्मनाक है बल्कि लोकतंत्र के लिए भी खतरे की घंटी है। किसी भी लोकतंत्र में विपक्ष का काम सरकारी कामों में दोष निकाल कर स्थिति सुधारने के लिए होता है। यह सत्तापक्ष तथा विपक्ष का नैतिक कर्तव्य है कि एक-दूसरे का सम्मान करें, संसद की गरिमा बनाए रखें।
शामलाल कौशल, रोहतक

संपादकीय पृष्ठ पर प्रकाशनार्थ लेख इस ईमेल पर भेजें :- dtmagzine@tribunemail.com

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