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पहाड़ों पर सतरंगी उम्मीदों की बिछी सफेद चादर

06:59 AM Feb 02, 2024 IST
पहाड़ों पर सतरंगी उम्मीदों की बिछी सफेद चादर
शिमला में बृहस्पतिवार को एक पार्किंग स्थल पर बर्फ से ढके वाहन। - प्रेट्र
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चंडीगढ़/शिमला, 1 फरवरी (ट्रिन्यू/हप्र)
लंबे समय से बारिश का अनुमान ध्वस्त हो रहा था, लेकिन बृहस्पतिवार को मैदानी इलाकों में जहां बारिश और ओलावृष्टि ने ‘सूखे मौसम’ को तर कर दिया, वहीं पहाड़ों पर बर्फबारी से पर्यटन उद्योग और बागवानों के चेहरे खिल गए। बेशक, बारिश और बर्फबारी के बाद मौसम यूटर्न लेता हुआ सा दिख रहा हो, लेकिन न्यूनतम तापमान अब भी सामान्य से अधिक है। जानकारों के मुताबिक इसका मतलब है कि मैदानी इलाकों में बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी का यह दौर अभी जारी रहेगा।
बृहस्पतिवार को हरियाणा, पंजाब के अनेक इलाकों एवं दोनों राज्यों की राजधानी चंडीगढ़ में जोरदार बारिश हुई। चंडीगढ़ समेत आसपास के अनेक इलाकों में भारी ओलावृष्टि भी हुई। अनेक इलाकों में तो ओलावृष्टि का दौर लंबे समय तक चला। उस दौरान राहगीर एवं अन्य लोग वीडियो बनाते और फोटो खींचते देखे गए। थोड़ी ही देर में सोशल मीडिया में ओलावृष्टि की वीडियो एवं फोटो की ‘बाढ़’ सी आ गयी। मौसम विभाग के मुताबिक पंजाब के अमृतसर में न्यूनतम तापमान 9.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो इस मौसम के औसत तापमान से चार डिग्री अधिक है, जबकि लुधियाना और पटियाला में न्यूनतम तापमान 12.4 डिग्री रहा। हरियाणा के अंबाला और हिसार में न्यूनतम तापमान क्रमश: 11.8 डिग्री सेल्सियस और 11.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य तापमान से चार डिग्री अधिक है। चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से तीन डिग्री अधिक है।
उधर, सूखे जैसे हालात से दो-चार हो रहे हिमाचल प्रदेश में ‘माघ और बाग हमेशा रात में बरसते हैं,’ वाली कहावत सत्य साबित होती दिखी। मंगलवार रात से ही अनेक स्थानों पर बारिश और बर्फबारी हो रही है। देरी से ही सही, पहाड़ों पर बिखरी बर्फ ने न केवल किसानों और बागवानों को खुश कर दिया है, बल्कि पर्यटकों से लेकर पर्यटन उद्योग से जुड़ा हर व्यक्ति उत्साहित है। प्रसिद्ध पर्यटक स्थल सोलंगनाला में बृहस्पतिवार दोपहर तक लगभग 3 फुट मोटी बर्फ की चादर बिछ चुकी है। कुफरी में भी बर्फ की परत लगातार मोटी होती जा रही है। सालों से यहां पर्यटकों को विंटर स्पोर्ट्स करवा रहे देवराज कश्यप भी काफी उत्साहित हैं। कुफरी में ही वर्षों से घुड़सवारी का काम-धंधा कर रहे सन्नी, अमित और इसी तरह के सैकड़ों स्थानीय युवाओं को विंटर टूरिज़म सीजन के दौरान इस बार अच्छी कमाई की उम्मीद है। शिमला जिला के जुब्बल क्षेत्र के शीलघाट गांव के प्रगतिशील बागवान हरीश चौहान मौसम के बदले अंदाज से बेहद खुश हैं। जुब्बल के धार गांव के बलवंत झौटा और नावर क्षेत्र के मेहंदली गांव के रविन्द्र चौहान मानते हैं कि अब देरी से हुई बर्फबारी की भरपाई हो जाएगी।

नयी पौध का सही समय

ताजा हिमपात के बाद अब बगीचों में नयी पौध लगाने का काम भी जोर पकड़ेगा। बागवानी विशेषज्ञ कपिल ठाकुर के मुताबिक हिमपात के तुरंत बाद बगीचों में खाद डालने और नए पौधे लगाने का सबसे सही समय है। यहां गौर हो कि हिमाचल में सेब का कारोबार 5000 करोड़ रुपए से अधिक का है। लाखों बागवानों के चेहरों पर अब चमक आ गई है।

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हिमाचल में 6 एनएच, 241 सड़कें और 677 ट्रांसफार्मर बंद

लगातार हो रही बारिश और बर्फबारी के कारण हिमाचल प्रदेश में 6 एनएच, 241 सड़कें और 677 ट्रांसफार्मर बन्द हो गये। शिमला से हिन्दोस्तान-तिब्बत सड़क पर छराबड़ा, कुफरी, फागु और नारकंडा में यातायात बन्द है। शिमला शहर में ढली-संजौली, संजौली-लक्कड़ बाजार, संजौली-आईजीएमसी और संजौली-छोटा शिमला सड़कें बन्द हैं। जिला पुलिस ने इन सड़कों पर लोगों से वाहन न चलाने की अपील की है।

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