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चंडीगढ़ में न बढ़ाए जाएं पानी के रेट

08:21 AM Mar 30, 2024 IST
चंडीगढ़ में न बढ़ाए जाएं पानी के रेट
चंडीगढ़ में शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जानकारी देते मेयर कुलदीप कुमार और आप के सहप्रभारी डॉ. एसएस आहलूवालिया। -दैनिक ट्रिब्यून
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मनीमाजरा (चंडीगढ़), 29 मार्च (हप्र)
मेयर कुलदीप कुमार ने कहा कि शुक्रवार को उन्होंने गृह सचिव को पत्र लिखकर कहा है कि उन्हें जानकारी मिली है कि शहर में पीने के पानी के बिल में 5 फीसदी की बढ़ोतरी की जा रही है, जिससे शहरवासियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। उन्होंने कहा कि निगम ने बीते दिनों शहरवासियों को 20 हजार लीटर मुफ्त पानी देने का एजेंडा पास किया है। इसलिए हमें शहरवासियों पर 5 प्रतिशत बिल वृद्धि रोकनी चाहिए और 20,000 लीटर मुफ्त पानी उपलब्ध कराने के लिए आगे की कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा जानबूझ कर शहरवासियों को 20 हजार लीटर मुफ्त पानी देने में बाधा डाल रही है।
चंडीगढ़ में पीने के पानी को लेकर शुक्रवार को चंडीगढ़ प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पंजाब जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड के चेयरमैन और सहप्रभारी आम आदमी पार्टी डॉ. एसएस आहलूवालिया और मेयर कुलदीप कुमार ने कई खुलासे किये। इस दौरान चंडीगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष एचएस लक्की, आप पार्षद योगेश ढींगरा, प्रेम लता और कांग्रेस पार्षद गुरप्रीत गाबी, जसवीर बंटी, तरुणा मेहता भी मौजूद रहे। डॉ. आहलूवालिया ने खुलासा करते हुए कहा कि कैसे खराब मीटरों के द्वारा अधिकारियों की मिलीभगत से पिछले कई सालों से निगम को जानबूझकर करोड़ों का नुकसान पुहंचाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आरटीआई से मिली जानकारी से पता चला है कि चंडीगढ़ में कुल 1,85,515 पेयजल मीटर लगाए गए हैं। इनमें से 1,73,398 मीटर आवासीय मकानों में लगे हैं। इनमें से 35,220 मीटर खऱाब हैं। उन्होंने कहा कि इन खराब मीटरों की वजह से निगम को पिछले कई सालों से करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है।

चंडीगढ़ में 35,220 मीटर खराब

डॉ. एसएस आहलूवालिया ने कहा कि 8 सालों में बीजेपी ने निगम को पूरी तरह से फेल कर दिया है। 35,220 मीटर खऱाब होने के बावजूद आज तक कोई कार्रवाई नहीं होना एक बड़ी साजिश का हिस्सा है। अगर ये मीटर सही समय पर ठीक हो गए होते तो आज निगम घाटे में नहीं होता। उन्होंने कहा कि आरटीआई से जानकारी मिली है कि चंडीगढ़ में 50,359 ऐसे मीटर हैं, जिनकी खपत 20,000 लीटर प्रति माह से कम है। इन मीटरों का औसत मासिक बिल 39,65,771 रुपये है। जिन्हें आसानी से मुफ्त पानी दिया जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि अगर शहर में पानी के लीकेज और खराब मीटरों को दूर कर दिया जाए तो इससे निगम को करोड़ों रुपये का फायदा होगा, जिससे शहरवासियों को 20 हजार लीटर मुफ्त पानी आसानी से उपलब्ध कराया जा सकेगा।

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