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विज हुए कैबिनेट से बाहर, निर्दलीय करते रहे इंतजार

07:22 PM Mar 19, 2024 IST
विज हुए कैबिनेट से बाहर  निर्दलीय करते रहे इंतजार
Haryana Governor Bandaru Dattatreya administers oath to the Chief Minister Nayab Singh Saini with newly appointed cabinet ministers Kamal Gupta, and MoS Seema Trikha, Mahipal Dhanda, Aseem Goyal at Raj Bhawan in Chandigarh on Tuesday. TRIBUNE PHOTO: RAVI KUMAR
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ट्रिब्यून न्यूज सर्विसचंडीगढ़, 19 मार्च

हरियाणा भाजपा के वरिष्ठतम नेताओं में शुमार अंबाला कैंट विधायक अनिल विज के समर्थकों को इस बार बड़ा झटका लगा है। नायब सिंह सैनी सरकार द्वारा किए गए कैबिनेट विस्तार में भी उनका नंबर नहीं लगा है। माना जा रहा है कि विज की नाराज़गी के चलते उन्हें कैबिनेट में जगह नहीं मिल पाई है। अब कैबिनेट में सभी पदों को भरा जा चुका है। ऐसे में आने वाले दिनों में भी विज के कैबिनेट में शामिल होने के आसार नहीं हैं।

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दरअसल, 12 मार्च को मनोहर लाल ने जब मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था, उसी दौरान से विज अंदरखाने नाराज़ बताए जाते हैं। उस दिन पहले सीएम रहते हुए मनोहर लाल ने कैबिनेट के सहयोगियों के साथ बैठक की। इसमें तय हुआ कि सभी सामूहिक रूप से इस्तीफा देंगे। यह भी बात सामने आई कि इस्तीफे के बाद शाम को फिर से शपथ ग्रहण होगी। इस्तीफा भी इसलिए देने का निर्णय लिया ताकि जजपा को सरकार से बाहर किया जा सके।

सूत्रों का कहना है कि उस समय डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने इस्तीफा देने से इंकार कर दिया था। तकनीकी रूप से मुख्यमंत्री के इस्तीफे के बाद पूरी कैबिनेट का इस्तीफा हो जाता है। यहां तो सीएम सहित भाजपा के सभी मंत्रियों ने इस्तीफे दिए थे। इसके बाद हरियाणा निवास में हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में जब विधायक दल का नया नेता चुनने की बात सामने आई तो विज उखड़ गए। उन्होंने यह भी कहा कि यह फैसला करने से पहले किसी को विश्वास में नहीं लिया गया।

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बताते हैं कि 12 मार्च को ही नये सीएम के रूप में नायब सिंह सैनी के शपथ ग्रहण समारोह के लिए बनी मंत्रियों की लिस्ट में अनिल विज का नाम सैनी के बाद था। विज हरियाणा निवास से निकलने के बाद सीधे अंबाला कैंट स्थित अपने आवास पर चले गए। बताते हैं कि इस दौरान केंद्रीय नेतृत्व की ओर से उनके साथ बात भी की। अब किस मुद्दे पर बात बिगड़ी यह तो नहीं कह सकते, लेकिन इतना जरूर है कि सरकार में हुई उठापठक के बीच विज अब कैबिनेट से बाहर हो गए हैं।

निर्दलीयों का नहीं लगा नंबर

हरियाणा में सात निर्दलीय विधायकों में से छह – चौ़ रणजीत सिंह, नयनपाल रावत, सोमबीर सिंह सांगवान, राकेश दौलताबाद, धर्मपाल गोंदर व रणधीर सिंह गोलन सरकार को समर्थन दे रहे हैं। महम विधायक बलराज कुंडू ने शुरू में सरकार को समर्थन दिया था लेकिन बाद में उन्होंने अपना समर्थन सरकार से वापस ले लिया था। इसी तरह से सिरसा से हलोपा विधायक गोपाल कांडा शुरू से सरकार को समर्थन दे रहे हैं। निर्दलीयों में रणजीत सिंह को छोड़कर किसी विधायक का नंबर मंत्री पद के लिए नहीं पड़ा है। बताते हैं कि निर्दलीयों की ओर से लॉबिंग भी की गई लेकिन बात नहीं बन पाई।

सरकार भी निर्दलीयों के सहारे

नब्बे सदस्यों वाली विधानसभा में भाजपा के 41 विधायक हैं। 6 निर्दलीयों व गोपाल कांडा के समर्थन से नायब सैनी ने सरकार का गठन किया है। जजपा के 10 विधायक हैं लेकिन अब भाजपा और जजपा का गठबंधन टूट चुका है। कांग्रेस के 30 विधायक हैं और इनेलो के अभय चौटाला ऐलनाबाद से एमएलए हैं। जजपा के दस में से पांच विधायक ‘बागी’ तेवर अपनाए हुए हैं। बहुमत प्रस्ताव पेश होने के दिन भी ये पांचों विधायक विधानसभा पहुंचे थे।

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