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चुनावी मौसम में इस बार ज्यादा सताएगी गर्मी

07:25 AM Apr 02, 2024 IST
चुनावी मौसम में इस बार ज्यादा सताएगी गर्मी
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नयी दिल्ली, 1 अप्रैल (एजेंसी)
मौसम विभाग ने सोमवार को कहा कि देश में अप्रैल से जून तक की अवधि के दौरान अत्यधिक गर्मी पड़ेगी। मध्य और पश्चिमी प्रायद्वीपीय भारत में इसका सबसे बुरा असर पड़ने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) का यह अनुमान ऐसे समय आया है जब देश 19 अप्रैल से एक जून के बीच 7 चरणों में होने वाले आम चुनाव की तैयारी कर रहा है। आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि अप्रैल-जून के दौरान देश के अधिकतर हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है। हालांकि, पश्चिमी हिमालय क्षेत्र, पूर्वोत्तर राज्यों और उत्तरी ओडिशा के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य या सामान्य से नीचे रहने की संभावना है। महापात्र के अनुसार, इस अवधि के दौरान मैदानी इलाकों के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से अधिक गर्म हवा चलने की संभावना है। देश के विभिन्न हिस्सों में सामान्यतः चार से आठ दिनों की तुलना में 10 से 20 दिन तक लू चलने का अनुमान है। गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, उत्तरी कर्नाटक, राजस्थान, मध्य प्रदेश, ओडिशा, उत्तरी छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश में सबसे बुरा असर पड़ सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, अप्रैल में देश के ज्यादातर हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की ज्यादा संभावना है। मध्य भारत के कई इलाकों और उत्तरी मैदानी इलाकों तथा दक्षिण भारत के क्षेत्रों में एक से तीन दिनों की तुलना में दो से आठ दिन तक लू चलने की संभावना है। आईएमडी ने कहा कि मध्य प्रदेश को छोड़कर गेहूं उत्पादक राज्यों में 7 अप्रैल तक लू की चेतावनी
नहीं है।

पहले से तैयारी करना जरूरी : रिजिजू

केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री किरेन रिजिजू ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हमें आने वाले ढाई महीने प्रतिकूल मौसम का सामना करना पड़ेगा। इसी दौरान आम चुनाव भी हैं, जिसमें लगभग एक अरब लोगों के मतदान करने की उम्मीद है। रिजिजू ने कहा कि उन्होंने भीषण गर्मी के पूर्वानुमान के बीच चुनावों के मद्देनजर हितधारकों के साथ उपयोगी बैठक की है। राज्य सरकारों सहित सभी हितधारकों ने व्यापक तैयारी की है। उन्होंने कहा, ‘यह हम सभी के लिए बहुत चुनौतीपूर्ण होने वाला है। चूंकि हम दुनिया में सबसे अधिक आबादी वाले देश हैं और प्रतिकूल मौसम झेलना पड़ता है, इसलिए पहले से तैयारी करना बेहद जरूरी हो जाता है।’

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