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छह दिन की बारिश व बर्फबारी के बाद मौसम खुला

08:08 AM Feb 07, 2024 IST
छह दिन की बारिश व बर्फबारी के बाद मौसम खुला
शिमला के निकट कुफरी में हुई बर्फबारी के बाद स्कीइंग का आनंद लेते सैलानी। -ललित कुमार
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शिमला, 6 फरवरी (हप्र)
राज्य में छह दिन तक बारिश व बर्फबारी का दौर थमने के बाद मौसम खुला है। बावजूद इसके लोगों की दुश्वारियां बरकरार हैं। धूप खिलने से कुल्लू व लाहौल में हिमखंड गिरने के खतरे को देखते हुए लोगों व सैलानियों को सतर्क रहने को कहा गया है। जलोड़ी दर्रा और अटल टनल सहित लाहौल घाटी में हिमखंड का सबसे अधिक खतरा है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक राज्य में आज तक चार नेशनल हाईवे व 473 सडक़ें यातायात के लिए बंद हैं। बारिश के चलते 398 ट्रांसफार्मर तथा 38 जल आपूर्ति योजनाएं बाधित हुई हैं। मौसम विभाग ने कहा कि हिमाचल में जनवरी का मौसम पिछले 17 वर्षों में सबसे ‘शुष्क’ रहा क्योंकि राज्य में सामान्य बारिश 85.3 मिलीमीटर (मिमी) के मुकाबले 6.8 मिमी बारिश हुई, जो 92 प्रतिशत की कमी दर्शाती है। जनवरी 1996 में 99.6 प्रतिशत और 2007 में 98.5 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई थी। कुल मिलाकर, लाहौल एवं स्पीति में 153 सड़कें, शिमला में 134, कुल्लू में 68, चंबा में 61, मंडी में 46, सिरमौर में आठ, किन्नौर में दो और कांगड़ा में एक सड़क बंद हो गई है। मौसम कार्यालय द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में खदराला में चार सेंटीमीटर (सेमी), भरमौर में तीन सेमी, कुफरी में दो सेमी, गोंडला में 1.3 सेमी और सांगला में 0.5 सेमी बर्फबारी हुई जबकि कल्पा, कुकुमसेरी, नारकंडा और केलोंग में मामूली बर्फबारी देखने को मिली। शिमला होटल एंड टूरिज्म स्टेकहोल्डर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एम के सेठ ने फरवरी में पर्यटकों की अच्छी संख्या की उम्मीद जताते हुए कहा कि बर्फबारी के कारण शिमला में पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि हुई है और पिछले सप्ताहांत में पर्यटन प्रेमियों की संख्या में 30 से 70 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। स्थानीय मौसम विभाग ने अगले छह दिन यानी 12 फरवरी तक राज्य में शुष्क मौसम की संभावना जताई है।

पीडब्ल्यूडी के 15000 कर्मचारी फील्ड में

लोक निर्माण विभाग ने प्रदेश में बर्फबारी के चलते बंद पड़ी सडक़ों को बहाल करने के लिए मंडल और उपमंडल स्तर के सहायक व अधिशाषी अभियंताओं को फील्ड में तैनात रहने के निर्देश दिए हैं। इंजीनियरों को 24 घंटे के भीतर नेशनल हाइवे व राज्य मार्गों को यातायात के लिए बहाल करने को कहा गया है। विभाग की ओर से इंजीनियरों को सड़कें बहाल किए जाने की सूचना इंजीनियर-इन-चीफ कार्यालय में देने को कहा गया है। लोक निर्माण विभाग ने इस समय 15 हजार कर्मचारियों को फील्ड में लगाकर बर्फ हटाने में लगाया है।

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जनवरी माह में 123 सालों में सबसे कम बरसे मेघ

हिमाचल में बीते जनवरी महीने में 123 सालों में सबसे कम मेघ बरसे। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में जनवरी महीने में 1901 के बाद तीसरी सबसे कम बारिश हुई है। विभाग के अनुसार वर्ष 1966 में जनवरी महीने में 0.3 मिलीमीटर बारिश हुई थी जबकि 2007 में 1.3 और जनवरी 2024 में 6.8 मिलीमीटर बारिश हुई। इस तरह इस जनवरी में माइनस 92 फीसदी बारिश हुई। यह 123 साल में तीसरी सबसे कम बारिश रिकॉर्ड की गई। प्रदेश में बीते 1 से 31 जनवरी तक माइनस 92 फीसदी की भारी कमी के साथ 6.8 मिलीमीटर ही बारिश दर्ज हुई। जबकि इस अवधि में 85.3 मिलीमीटर को सामान्य बारिश माना गया। जिला चंबा में सबसे अधिक 13.8 मिमी वर्षा हुई। इस दौरान बिलासपुर, हमीरपुर, कुल्लू, शिमला, सोलन, ऊना, कांगड़ा, मंडी, किन्नौर और लाहौल-स्पीति में बारिश की भारी कमी दर्ज की गई। सिरमौर में बारिश हुई ही नहीं। हालांकि 31 जनवरी को तीसा में 31, चंबा 25.2, मनाली 12 और जुब्बल में 11.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई।

12 फरवरी तक मौसम साफ

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से राज्य के सभी भागों में 12 फरवरी तक मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में वृद्धि हुई। मौसम खुलने से किसान-बागवान भी खेतों और बगीचों में काम कर सकेंगे। चोटियों पर कई फुट बर्फबारी से ग्लेशियरों को भी संजीवनी मिल गई है।

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एचआरटीसी को दो करोड़ का नुकसान

बर्फबारी से प्रदेश में एचआरटीसी की सेवाएं प्रभावित होने से निगम को बीते चार दिन के भीतर दो करोड़ का नुकसान हो चुका है। एचआरटीसी की एक दिन की औसत कमाई करीब दो करोड़ रुपये है। चार दिन में निगम को करीब आठ करोड़ कमाई होनी थी लेकिन सभी रूट संचालित न होने के कारण छह करोड़ ही कमाई हो सकी है। शिमला, कुल्लू, मंडी, चंबा, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिले में निगम के रूट सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।

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