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स्थानीय और प्रदेश नेतृत्व की जीतोड़ मेहनत काम आयी

08:34 AM Feb 13, 2024 IST
स्थानीय और प्रदेश नेतृत्व की जीतोड़ मेहनत काम आयी
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सुरजीत सिंह/निस
समराला, 12 फरवरी
समराला में हुए कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन में उमड़ी भीड़ के आगे 14 एकड़ के पंडाल में करीब 25 हजार कुर्सियां ​ भी ​​कम पड़ गईं। सम्मेलन को सफल बनाने के लिए कांग्रेस के स्थानीय और प्रदेश नेतृत्व ने जीतोड़ प्रयास किये। स्थानीय नेता रुपिंदर सिंह राजा गिल 15 दिनों तक लगातार मॉनिटरिंग करते रहे। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और यूथ कांग्रेस अध्यक्ष मोहित महिंद्रा लगातार व्यवस्था पर नजर रखे हुए थे। समराला के हलका प्रभारी रूपिंदर सिंह राजा गिल का कहना है कि पार्टी हाईकमान ने इससे पहले कई विकल्पों पर विचार किया। इनमें जगरांव, दाखा, खन्ना और साहनेवाल शामिल थे। रूपिंदर सिंह राजा गिल का कहना है कि बूथ स्तर से लेकर संसद सदस्य तक निमंत्रण पत्र भेजे गए थे। इसके अलावा मीडिया के माध्यम से सभी कार्यकर्ताओं तक यह संदेश पहुंच गया कि उन्हें कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल होना है। बैठक में पंजाब के लगभग सभी दिग्गज कांग्रेस नेता शामिल हुए, लेकिन नवजोत सिद्धू और सांसद रवनीत बिट्टू गैर हाजिर रहे। यद्यपि सिद्धू कैंप के लाल सिंह, शमशेर सिंह दूलों और अमरीक सिंह ढिल्लों मौजूद रहे। पंडाल में मौजूद सभी लोगों की निगाहें इन दोनों नेताओं के आगमन पर टिकी थीं। ऐसा लग रहा है कि लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी में सब कुछ ठीक नहीं है। सम्मेलन से पहले पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग से नवजोत सिद्धू को लेकर सवाल किया तो उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से कहा कि कुछ लोगों को आदतन अनुशासन पसंद नहीं है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी थी कि उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि सवाल ये है कि क्या लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी इन नेताओं पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी? उधर, सम्मेलन से ठीक पहले नवजोत सिद्धू के बागी सुर भी कुछ नरम पड़ते दिखाई दिए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लगातार तीन पोस्ट शेयर किए, जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का महान गुरुओं की पावन धरती पर आगमन पर स्वागत किया गया और कहा कि कांग्रेस का हर कार्यकर्ता उनके मार्गदर्शन की अपेक्षा रखता है। सबसे पुरानी पार्टी के सर्वोच्च कमांडर के रूप में, उनकी इच्छा ही हमारा मार्गदर्शन होगी। इसके साथ ही उन्होंने शायराना अंदाज में कहा कि ‘अब मैं ये इंतकाम लेता हूं, जाओ तुम्हें माफ किया’ आदि।
सम्मेलन में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के पंजाब लोकसभा चुनाव ‘इंडिया’ गठबंधन के बैनर तले मिलकर लड़ने पर कोई कुछ नहीं बोला। इस बारे में न तो कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने संबोधन में कुछ कहा और न ही एक दिन पहले खन्ना में हुई आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने कुछ कहा। वहीं सम्मेलन में दिल्ली से आए राष्ट्रीय नेताओं को छोड़कर कांग्रेस के पंजाब नेताओं ने आम आदमी पार्टी को पानी पी-पीकर कोसा, जिसमें सुखपाल सिंह खैरा, सुखजिंदर सिंह रंधावा, डाॅ. राज कुमार चब्बेवाल, राणा केपी सिंह, कुलजीत सिंह नागरा, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा और पार्टी अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने अपने-अपने संबोधन में आम आदमी पार्टी सरकार पर जमकर हमला बोला। साफ कर दिया कि वह पंजाब की सभी लोकसभा सीटों पर अकेले अपने बल पर चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार ‘बदलाव’ के बजाय बदले की नीति अपना रही है, जिसके तहत उनके प्रमुख नेताओं पर मुकदमा चलाकर उन्हें जेलों में डाला जा रहा है। अनसुलझे सवालों का जवाब समय आने पर ही मिलेगा।

सिद्धू ने सम्मेलन को फ्लॉप बताया

लुधियाना (निस) : कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के समराला में सम्मेलन में आने बाद भी पंजाब कांग्रेस में आंतरिक लड़ाई थमने की बजाए तेज हो गई है। नवजोत सिद्धू और सांसद रवनीत सिंह बिट्टू के न आने पर उनके विरोधियों को उनके विरुद्ध बोलने का अवसर मिल गया है। सिद्धू का कहना था कि वह अपने साथियों सहित सम्मेलन में जाने के लिए तैयार बैठे थे लेकिन अंतिम समय तक भी उनको किसी ने आमंत्रण नहीं दिया। कांग्रेस के एक महामंत्री ने बताया कि जब कांग्रेस का सम्मेलन चल रहा था उस समय सांसद बिट्टू मानसा के निकट किसी धार्मिक समारोह में भाग लेते देखे गये। सिद्धू ने सम्मेलन को पूरी तरह फ्लॉप बताया। उनके एक निकटवर्ती सहयोगी ने कहा कि जब पार्टी अध्यक्ष खड़गे संबोधित कर रहे थे तो पंडाल में अधिकांश कुर्सियां खाली पड़ी थी। नवजोत सिंह सिद्धू पार्टी प्रधान को एक पत्र लिखकर सारी परिस्थितियों से अवगत करायेंगे और उनको पंजाब आने का बुलावा देंगे।

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