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अनाज मंडी के भाग्य खुले,  सड़कों-नालियों का होगा कायाकल्प

08:15 AM Apr 04, 2024 IST
अनाज मंडी के भाग्य खुले   सड़कों नालियों का होगा कायाकल्प
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जितेंद्र अग्रवाल/हप्र
अम्बाला शहर, 3 अप्रैल
करीब 15 वर्ष बाद ही सही क्षेत्र की सबसे बड़ी व पुरानी नई अनाज मंडी की बेहाल सड़कों व नालियों की हालत का कायाकल्प होने वाला है। यदि चुनाव आचार संहिता आड़े नहीं आती तो संभवतया इसका काम शुरू भी हो गया होता।
यह मंडी करोड़ों रुपये सालाना की मार्केट फीस सरकारी खजाने में जमा करवाती है। दरअसल पिछले काफी वर्षों से यहां की खस्ता हाल हो चुकी सड़कों को मात्र पैच वर्क करवाकर मंडी विपणन बोर्ड अपने कर्तव्य की पालना करता रहा है।
नालियों की हालत इतनी बदतर है कि वह पूरा वर्ष ही गंदे पानी और कूड़ा कर्कट से भरी रहती हैं लेकिन पानी निकासी का कोई पर्याप्त प्रबंध नहीं करवाया जा रहा था।
जानकारों की माने तो प्रत्येक 5 वर्ष के अंतराल पर अनाज मंडी की सड़कों पर सही तरीके से कारपेटिंग करवाने और नालियों को दुरुस्त करने का काम मंडी विपणन बोर्ड का होता है लेकिन इस मंडी को लेकर नीचे से लेकर ऊपर तक सभी अधिकारी आंखें मूंदे पड़े रहे। 1982 में स्थापित की गई इस मंडी में 200 से ज्यादा आढ़ती अपना व्यवसाय चलाते हैं।
एक दशक पहले तक यहां पंजाब सीमांत गांवों के किसान बड़ी मात्रा में अपनी उपज बेचने आते रहे हैं लेकिन सत्ता परिवर्तन के साथ बदले नियमों के तहत अन्य प्रदेशों के किसानों की उपज यहां आनी धीरे धीरे बंद हो गई। फिर भी यह मंडी जिला में सबसे अधिक गेहूं धान की फसल सरकार के लिए खरीदती है। दरअसल अम्बाला शहर में आढ़त का काम करते रहे स्थानीय विधायक असीम गोयल भाजपा के कुछ समय पहले एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने अनाज मंडी पहुंचे थे।
उसी दौरान आढ़तियों ने उनका ध्यान बदहाल व्यवस्था की ओर खींचा तो विधायक असीम गोयल ने तुरंत संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर अम्बाला शहर मंडी की सभी मूलभूत समस्याओं के निपटान के निर्देश देते हुए एस्टीमेट बनाने को कहा। अनुमानित लागत बनने के बाद उन्होंने प्रयास करके उसको स्वीकृति भी दिला दी लेकिन शेष औपचारिकताएं पूरी हो पातीं तब तक न केवल रबी खरीद का सीजन सिर पर आ गया बलि्क आम लोकसभा चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता भी लागू कर दी गई। इसके तहत इस मंडी का कायाकाल्प एक बार फिर स्थगित होकर रह गया। लेकिन आढ़तियों को इस बात का संतोष है कि आचार संहिता समाप्त होते ही मंडी की सड़कों और नालियों का कायाकल्प हो ही जाएगा। विधायक असीम गोयल भी अब परिवहन मंत्री बन चुके हैं और उनके प्रयास भी इस मंडी के लिए फलदायक सिद्ध हुए।
आंतरिक सड़कों की होगी विशेष मरम्मत 
अब कार्य योजना 2023-2024 के तहत बोर्ड ने नई अनाज मंडी के एक्टेंशन 1 तक के हिस्से की आंतरिक सड़क की विशेष मरम्मत, नाले का निर्माण, नाले का चौड़ीकरण, नाले का उत्थान और मौजूदा उथले प्रकार के नाले के पुनर्निर्माण के लिए करीब 1 करोड़ 43 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की है। इसके तहत आंतरिक सड़कों की विशेष मरम्मत होगी जिसमें 8224 वर्गमीटर पीआईपी सड़क बनाई जाएगी तथा 13970 वर्गमीटर सड़क पर बीसी की कारपेटिंग की जाएगी। इस पर करीब 1.19 करोड़ की राशि खर्च होगी। इसके अलावा नाले का निर्माण पर 83.53 लाख, नाले का चौड़ीकरण पर 35.40 लाख, नाले का उत्थान पर 21.60 लाख तथा मौजूदा उथले प्रकार की नाली का पुनर्निर्माण पर 10 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।
अम्बाला शहर नई अनाज मंडी की सड़कों और नालियों के लिए लगभग 1 करोड़ 43 लाख रुपये की राशि स्वीकृत हो चुकी है। आचार संहिता समाप्त होने के तुरंत बाद योजनाबद्ध तरीके से संबंधित काम को पूरा करवा दिया जाएगा। वैसे भी रबी सीजन के दौरान इस कार्य को करवाना संभव नहीं था। 
-नवीन श्योराण, कार्यकारी अभियंता, मंडी विपणन बोर्ड, अम्बाला
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