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वापस लिया जाए मोरनी के 32 सरकारी स्कूल बंद करने का फैसला

10:53 AM Feb 13, 2024 IST
वापस लिया जाए मोरनी के 32 सरकारी स्कूल बंद करने का फैसला
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पंचकूला, 12 फरवरी (हप्र)
हरियाणा सरकार द्वारा शिक्षा विभाग में लागू की गई नई शिक्षा की नीति अनुसार 20 से कम छात्रों वाले राजकीय प्राइमरी स्कूलों को बंद किया जा रहा है । इसी के तहत मोरनी में सबसे अधिक लगभग 50 प्रतिशत यानी 32 राजकीय प्राथमिक स्कूल बंद होने जा रहे हैं। इसी मामले पर संज्ञान लेते हुए शिवालिक विकास मंच प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट विजय बंसल ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर को ज्ञापन भेज कर मोरनी के स्कूलों को बंद ना करने की मांग की है।
बंसल ने ज्ञापन में कहा कि कालका जैसे पहाड़ी क्षेत्र में छोटे-छोटे गांव कई कई किलोमीटर दूरी पर बने हुए हैं विशेष कर हिमाचल प्रदेश की तरह हरियाणा के एकमात्र पहाड़ी क्षेत्र मोरनी की ढाणियां भी इसी प्रकार सैकड़ों वर्ष से बसी हुई हैं। उन्होंने बताया कि तत्कालीन कांग्रेस की चौधरी भजनलाल सरकार के कार्यकाल में ही तत्कालीन विधायक चंद्रमोहन की सिफारिश पर सरकार ने पहाड़ी क्षेत्र में शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छोटे-छोटे गांव में भी प्राइमरी स्कूल खुलवाए थे। उन्होंने कहा कि यदि यह स्कूल बंद किए गए तो प्राइमरी स्कूल के बच्चे कई किलोमीटर जंगली जानवरों से भरे हुए वन क्षेत्र में से गुजर कर दूसरे स्कूल तक नहीं पहुंच पाएंगे । बच्चों को और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इसलिए शिवालिक विकास बोर्ड की नीति अनुसार जिला पंचकूला के शिक्षा विभाग में विशेष नियम और शर्तें लागू कर स्कूलों को बंद ना किया जाए। गौरतलब है कि शिक्षा विभाग की नई नीति अनुसार मोरनी ब्लॉक के दरडा, बेहलों, धारला, काजड़, साहलों, समलोठा, भ्याल, दाबसू, राज टिकरी, छमला, बिजलाग, दयोडा, काकंर घाट, कटली, लेट बटौली, मलोग, मंजयों, पथरोटी, बड़ियाल, खोपर, भोगपुर, मशयुन, मोड़ी, बालग, भींवर, चपलाना, लेड, बराट, मतोली, जिया, मलोन, सालियों रेवड़ा आदि के प्राइमरी स्कूलों में छात्रों की संख्या 20 से कम होने की वजह से उपरोक्त स्कूल बंद होने जा रहे हैं।

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