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असंतुष्ट मंत्रियों पर सुक्खू ने डाले डोरे

07:27 AM Feb 03, 2024 IST
असंतुष्ट मंत्रियों पर सुक्खू ने डाले डोरे
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ज्ञान ठाकुर/हप्र
शिमला, 2 फरवरी
मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब हिमाचल सरकार ने दो नये काबिना मंत्रियों के साथ-साथ लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह व शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर को और विभागों का दायित्व सौंपा गया है। मंत्रियों को नये विभागों का दायित्व सौंपे जाने के बारे में सरकार ने शुक्रवार देर शाम अधिसूचना जारी की।
मंत्रियों को सौंपे गए नये विभाग मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के पास थे। मंत्रियों को नये विभागों का आवंटन करते हुए सरकार ने लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह को शहरी विकास विभाग सौंपा है। विक्रमादित्य सिंह से सरकार ने पहले खेल एवं युवा सेवा विभाग वापस लेकर यादवेंद्र गोमा को सौंपा था।
मंत्रिमंडल में शामिल राजेश धर्माणी को नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग का कार्यभार भी सौंपा है। धर्माणी के पास अभी तकनीकी शिक्षा व औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग का जिम्मा था। मंत्रिमंडल में शामिल किए गए यादवेंद्र गोमा को आयुष, खेल एवं युवा सेवा विभाग के साथ-साथ अब विधि विभाग का जिम्मा सौंपा है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर को मुद्रण एवं लेखन सामग्री विभाग का जिम्मा सौंपा गया है।
उल्लेखनीय है कि राजेश धर्माणी व गोमा को मंत्रिमंडल में शामिल करने के बाद लोक निर्माण, उद्योग तथा शिक्षा मंत्री से एक-एक विभाग वापस लेकर दोनों को इनका जिम्मा सौंपा था। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में मंत्रियों की नाराजगी की चर्चाएं भी तेज हो गई थी। मगर अब मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के साथ राजेश धर्माणी व यादवेंद्र गोमा को भी एक-एक और विभाग का जिम्मा सौंप कर इन मंत्रियों पर डोरे डालने का प्रयास किया है।
गौरतलब है कि विभाग वापस लिए जाने के बाद विक्रमादित्य मंत्रिमंडल की बैठक में नहीं गए थे, जबकि वे शिमला में ही थे। रोहित ठाकुर और हर्षवर्धन चौहान भी बैठक में नहीं पहुंचे थे। यही कारण है कि अब सुक्खू को फिर से इन मंत्रियों का कद्द बढ़ाने का फैसला लेना पड़ा है। ये भी उल्लेखनीय है कि विक्रमादित्य हिमाचल से कांग्रेस के अकेले नेता व मंत्री हैं, जिन्हें अयोध्या रामलला प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण मिला था और कांग्रेस के बहिष्कार के बावजूद विक्रमादित्य आयोजन में शामिल हुए थे, जिसके चलते खासकर सुक्खू की चिंताएं बढ़ गई है।

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