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कनाडा के साथ संबंध आज भी चुनौतीपूर्ण

06:56 AM Nov 29, 2024 IST

नयी दिल्ली, 28 नवंबर (एजेंसी)
केंद्र सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि कनाडा के साथ भारत के संबंध चुनौतीपूर्ण रहे हैं और आज भी हैं क्योंकि वहां की सरकार द्वारा ऐसे चरमपंथी एवं अलगाववादी तत्वों को राजनीतिक आश्रय प्रदान किया जाता है जो भारत विरोधी एजेंडे का समर्थन करते हैं। विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी।
कीर्तिवर्धन सिंह ने कहा कि एक दूसरे की चिंताओं, क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का सम्मान किसी भी स्थिर द्विपक्षीय संबंध के लिए आवश्यक शर्तें हैं। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के अब्दुल वहाब ने विदेश मंत्रालय से सवाल पूछा था कि क्या यह सच है कि विगत में कनाडा के साथ भारत के संबध खराब हुए हैं। इसके जवाब में सिंह ने स्पष्टीकरण दिया। सिंह ने बताया कि इस संबंध में भारत सरकार ने कनाडा सरकार से बार-बार आग्रह किया है कि चरमपंथी एवं अलगाववादी तत्व अपने कार्यों के लिए उनकी भूमि का उपयोग कर रहे हैं। एक अन्य सवाल के जवाब में सिंह ने कहा कि दोनों सरकारें द्विपक्षीय संबंधों की स्थिति के बारे में एक-दूसरे के संपर्क में हैं।
कनाडा में भारतीय राजनयिकों की सुरक्षा के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में विदेश राज्यमंत्री ने कहा कि ‘जहां अधिकारी हमारे राजनयिकों को और राजनयिक संपत्तियों को सुरक्षा प्रदान करने में सक्षम रहे हैं वहीं उन्होंने हाल ही में अलगाववादी और चरमपंथी तत्वों के हिंसक कृत्यों से हमारे वाणिज्य तथा शिविरों को सुरक्षा कवर प्रदान करने में अपनी असमर्थता व्यक्त की है।’ उन्होंने कहा कि कनाडा ने भारतीय राजनयिकों और वाणिज्य दूतावास अधिकारियों को भारतीय और कनाडाई नागरिकों विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और सेवानिवृत्त लोगों के लाभ के लिए समुदाय के सदस्यों की मदद से विशेष रूप से आयोजित शिविरों में बहु प्रतीक्षित वाणिज्य दूतावास और पासपोर्ट संबंधी सेवाएं प्रदान करने से रोक दिया है, जो अपनी पेंशन प्राप्त करने के लिए जीवन प्रमाण पत्र चाहते हैं। सिंह ने बताया कि लगभग 18 लाख भारतीय-कनाडाई (कनाडा की आबादी का लगभग 4.7 प्रतिशत) और लगभग 4,27,000 भारतीय छात्रों सहित 10 लाख अनिवासी भारतीयों के साथ कनाडा सबसे बड़े भारतीय प्रवासी स्थलों में से एक है।
उन्होंने बताया कि साल 2023 में भारत-कनाडा द्विपक्षीय व्यापार 9.36 अरब डॉलर था, जिसमें भारत का कनाडा को निर्यात 5.56 अरब डॉलर और कनाडा से आयात 3.8 अरब डॉलर है। कनाडा 3.9 अरब डॉलर के संचयी एफडीआई के साथ भारत में 17वां सबसे बड़ा निवेशक है।

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