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एकदा

07:56 AM Apr 10, 2024 IST
एकदा
प्रतिकात्मक चित्र
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एक गांव में एक अर्थविद रहता था। एक बार वहां के राजा ने उसे चर्चा पर बुलाया। चर्चा में राजा ने कहा, ‘महाशय, आप बहुत बड़े अर्थज्ञानी है, पर आपका लड़का मूर्ख क्यों है? उसे तो सोने-चांदी में मूल्यवान क्या है यह भी नहीं पता।’ अर्थविद घर गया व लड़के से पूछा, ‘सोना व चांदी में अधिक मूल्यवान क्या है?’ ‘सोना’। ‘तुम्हारा उत्तर तो ठीक है, फिर राजा ने ऐसा क्यूं कहा?’ लड़का बोला, ‘राजा गांव के पास एक खुला दरबार लगाते हैं। यह दरबार मेरे स्कूल जाने के मार्ग में ही पड़ता है। मुझे देखते ही बुलवा लेते हैं, अपने एक हाथ में सोने का व दूसरे में चांदी का सिक्का रखकर, जो अधिक मूल्यवान है वह ले लेने को कहते हैं। और मैं चांदी का सिक्का ले लेता हूं। सभी ठहाका लगाकर हंसते हैं व मजा लेते हैं।’ ‘फिर तुम सोने का सिक्का क्यों नही उठाते।’ लड़का अर्थविद को अंदर ले गया और कपाट से एक पेटी निकालकर दिखाई जो चांदी के सिक्कों से भरी हुई थी। लड़का बोला, ‘जिस दिन मैंने सोने का सिक्का उठा लिया उस दिन से यह खेल बंद हो जाएगा। यदि मैं बुद्धिमानी दिखाऊंगा तो कुछ नहीं मिलेगा। स्वर्णिम मौके का फायदा उठाने से बेहतर है, हर मौके को स्वर्ण में तबदील करना।’ प्रस्तुति : विनय मोहन खारवन

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