For the best experience, open
https://m.dainiktribuneonline.com
on your mobile browser.

एकदा

08:03 AM Jan 08, 2024 IST
एकदा
Advertisement

एक बार एक केकड़ा समुद्र किनारे अपनी मस्ती में चला जा रहा था और बीच-बीच में पीछे मुड़कर वो अपने पैरों से बने निशान भी देखता जाता। वो थोड़ा आगे बढ़ता और फिर मुड़कर पैरों के निशान देखता और उनसे बने चित्र को देखकर खुश हो जाता... इतने में एक तेज लहर आयी और उसके पैरों के सब निशान मिट गये। इस पर केकड़े को बड़ा गुस्सा आया, उसने लहर से बोला, ‘मैं तो तुझे अपना मित्र मानता था, पर तुमने ये क्या किया... मेरे बनाये सुंदर पैरों के निशानों को ही मिटा दिया...? कैसी दोस्त हो तुम।’ केकड़े की बात सुनकर लहर बोली, ‘वो देखो पीछे से मछुआरे आ रहे हैं और वो पैरों के निशान देख कर ही केकड़ों को पकड़ रहे हैं... मेरे दोस्त, तुमको वो पकड़ न लें, बस इसीलिए मैंने तुम्हारे पैरों के निशान मिटा दिए।’ प्रस्तुति : अक्षिता तिवारी

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
×