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न्यूजक्लिक के संस्थापक पुरकायस्थ रिहा

06:35 AM May 16, 2024 IST
न्यूजक्लिक के संस्थापक पुरकायस्थ रिहा
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नयी दिल्ली, 15 मई (एजेंसी)
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत गिरफ्तार न्यूजक्लिक के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ को बुधवार देर रात तिहाड़ जेल से रिहा कर दिया गया।
जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने कहा, ‘अपीलकर्ता (पुरकायस्थ) की गिरफ्तारी और उसके बाद उनके रिमांड का आदेश और इसी तरह दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेश को भी कानून की नजर में अमान्य घोषित किया जाता है और खारिज किया जाता है।’ पीठ ने पुरकायस्थ की याचिका पर अपना फैसला सुनाया, जिसमें हाईकोर्ट के पिछले साल 13 अक्तूबर के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें मामले में गिरफ्तारी और उसके बाद पुलिस रिमांड के खिलाफ उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी। दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने पिछले साल तीन अक्तूबर को उन्हें गिरफ्तार किया था। शीर्ष अदालत ने कहा, ‘हालांकि, हम अपीलकर्ता को मुचलका प्रस्तुत करने की आवश्यकता के बिना रिहा करने का निर्देश देने के लिए राजी हो जाते, लेकिन चूंकि आरोप पत्र दायर किया गया है, इसलिए हमें यह निर्देश देना उचित लगता है कि अपीलकर्ता को निचली अदालत की संतुष्टि के मुताबिक जमानती मुचलका जमा करने पर हिरासत से रिहा किया जाए।’ पीठ ने साफ किया कि उसकी किसी भी टिप्पणी को मामले के गुण-दोषों पर टिप्पणी नहीं माना जाएगा। फैसला सुनाये जाने के बाद दिल्ली पुलिस की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि गिरफ्तारी को अमान्य घोषित कर दिया गया, इसलिए पुलिस को गिरफ्तारी के सही अधिकार का प्रयोग करने से नहीं रोका जाना चाहिए। जस्टिस गवई ने कहा, ‘हमें इस पर कुछ कहने की जरूरत नहीं है। कानून में आपको जो अनुमति है तो है।’ हाईकोर्ट ने पुरकायस्थ और न्यूजक्लिक के एचआर हेड अमित चक्रवर्ती की गिरफ्तारी और उसके बाद पुलिस रिमांड के खिलाफ उनकी याचिकाओं को पिछले साल 13 अक्तूबर को खारिज कर दिया था। चक्रवर्ती ने गिरफ्तारी के खिलाफ अपनी याचिका सुप्रीम कोर्ट से वापस ले ली थी। दिल्ली की एक अदालत ने चक्रवर्ती को मामले में सरकारी गवाह बनने की इजाजत  दी थी।
पोर्टल के खिलाफ आरोप
समाचार पोर्टल के खिलाफ दर्ज आरोपों के अनुसार, उसे भारत की संप्रभुता को बाधित करने और देश के खिलाफ असंतोष पैदा करने के लिए चीन से धन मिला था। यह भी आरोप है कि पुरकायस्थ ने 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान चुनावी प्रक्रिया में व्यवधान पहुंचाने के लिए ‘पीपल्स अलायंस फॉर डेमोक्रेसी एंड सेक्युलरिज्म’ (पीएडीएस) नामक समूह के साथ साजिश रची थी।

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