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न्याय प्रणाली को लचीला बनाने की जरूरत : मोदी

06:10 AM Feb 04, 2024 IST
न्याय प्रणाली को लचीला बनाने की जरूरत   मोदी
नयी दिल्ली में शनिवार को एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं भारत के प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़। - एएनआई
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नयी दिल्ली, 3 फरवरी (एजेंसी)
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को जांच और न्याय प्रदान करने के लिए देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की वकालत करते हुए कहा कि अपराधी विभिन्न क्षेत्रों में वित्त पोषण और संचालन के लिए नवीनतम प्रौद्योगिकियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक-दूसरे के अधिकार क्षेत्र का सम्मान करते हुए सहयोग किया जा सकता है, क्योंकि जब हम एक साथ काम करते हैं, तो अधिकार क्षेत्र बिना देरी किए न्याय देने का एक उपकरण बन जाता है। उन्होंने कहा कि ‘क्रिप्टोकरेंसी’ और साइबर खतरों के बढ़ने से नयी चुनौतियां पैदा हुई हैं और न्याय प्रणाली को अधिक लचीला और अनुकूल बनाने की आवश्यकता है।
यहां राष्ट्रमंडल विधि शिक्षा संघ -राष्ट्रमंडल अटॉर्नी और सॉलिसिटर जनरल सम्मेलन में उन्होंने कहा कि देश पहले से ही हवाई यातायात नियंत्रण और समुद्री यातायात के क्षेत्र में एक-दूसरे के साथ काम करते हैं। उन्होंने जांच और न्याय प्रदान करने में भी सहयोग की वकालत की।

प्रौद्योगिकी न्याय का शक्तिशाली माध्यम : सीजेआई

कार्यक्रम में भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि न्याय के लिए प्रौद्योगिकी एक ‘शक्तिशाली माध्यम’ के रूप में उभरी है और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि प्रौद्योगिकीय तंत्र को समानता व समावेशिता को ध्यान में रखकर तैयार किया जाए। उन्होंने कहा, ‘हम परंपरा और नवाचार के चौराहे पर खड़े हैं। भारतीय समाज के भीतर गहरी जड़ें जमा चुके संरचनात्मक और वित्तीय परिवर्तन अब मंथन की मांग करता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रौद्योगिकी अनजाने में मौजूदा समस्याओं को
न बढ़ाए।’

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