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लाइफलाइन ने चलायी एक और एम्बुलेंस

08:32 AM Feb 11, 2024 IST
लाइफलाइन ने चलायी एक और एम्बुलेंस
चंडीगढ़ में शनिवार को पीजीआई के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विपिन कौशल ने लाइफलाइन की नई एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
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चंडीगढ़, 10 फरवरी (ट्रिन्यू)
पीजीआईएमईआर के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विपिन कौशल ने लाइफलाइन की नई एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर परिवहन अधिकारी, पीजीआई एनके प्राथी, एपीआरओ अमृत पाल कौर, लाइफलाइन अध्यक्ष टीएन सिंगला, जनरल सेक्रेसी लाइफलाइन राजिंदर बंसल, संरक्षक जीवन रेखा सतपाल और जीवनरेखा के विभिन्न ट्रस्टी उपस्थित रहे। इस मौके पर लाइफलाइन की कार्यप्रणाली पर विस्तार से चर्चा की गई। लाइफलाइन द्वारा सराय परिसर के कमरों का नवीनीकरण व बाथरूम में गीजर लगाने का निर्णय भी लिया गया। मई 2000 में एक गैर सरकारी संगठन लाइफलाइन का गठन किया गया था। ट्रस्टियों ने कुछ धन इकट्ठा किया और डॉक्टरों के मार्गदर्शन में पीजीआई के आपातकालीन वार्ड में चौबीसों घंटे 3 परिचारकों को उपलब्ध कराना शुरू किया। अमीर हो या गरीब, जो कोई भी मदद को आता था, उसकी देखभाल लाइफलाइन परिचारक करते थे। वर्तमान में 12 परिचारक वहां कार्यरत हैं। आज तक परिचारकों द्वारा दो लाख से अधिक लावारिस मरीजों की देखभाल की गई है। पीजीआई के इमरजेंसी वार्ड में मरीजों की संख्या इतनी ज्यादा थी कि कई मरीजों को समय से पहले ही छुट्टी देनी पड़ी। पीजीआई अधिकारियों ने लाइफलाइन के प्रयासों को देखते हुए उसे नेहरू सराय को अपने कब्जे में लेने और इसे ऐसे रोगियों के लिए ट्रांजिट कैंप के रूप में विकसित करने का अनुरोध किया। तब सराय को लाइफलाइन ने ले लिया, औा उसका जीर्णोद्धार किया । इसे 100 बिस्तरों वाले ट्रांजिट कैंप में विकसित किया। मरीजों के लिए भोजन की व्यवस्था भी निःशुल्क की जाती है। पीजीआई ने हरि सराय और जनता सराय को भी लाइफलाइन को सौंप दिया, जिन्हें पूरी तरह से पुनर्निर्मित किया गया और 200 बिस्तरों वाले उन्नत ट्रांजिट कैंप में बदल दिया गया। इन तीनों शिविरों में पांच लाख से अधिक मरीजों की देखभाल की गई है।

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