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कोसली ने इस बार दीपेंद्र हुड्डा के लिए किया कमाल

09:02 AM Jun 06, 2024 IST
कोसली ने इस बार दीपेंद्र हुड्डा के लिए किया कमाल
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अनिल शर्मा/निस
रोहतक, 5 जून
प्रदेश की सबसे हॉट सीट रही रोहतक लोकसभा के नतीजों ने सबको चौंका दिया। इस सीट पर पहले भाजपा-कांग्रेस में कांटे का मुकाबला बताया जा रहा था, लेकिन कांग्रेस प्रत्याशी दीपेंद्र हुड्डा को करीब साढ़े तीन लाख वोटों से जीत मिली। सबसे चौंकाने वाले नतीजे कोसली विधानसभा क्षेत्र के रहे। यहां दोनों प्रत्याशियों के बीच हार-जीत का अंतर दो वोटों से रहा। सबसे बड़ी बात यह है कि 2019 में कोसली क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी अरविंद शर्मा को करीब 75 हजार वोटों की लीड मिली थी, लेकिन इस बार वह दो वोट से पीछे रहे। रोहतक सीट को शुरुआत से ही टफ और फंसी हुई माना हा रहा था।
नौ विधानसभा हलकों में कांग्रेस प्रत्याशी दीपेंद्र हुड्डा ने जीत हासिल की और उनकी लीड का अंतर काफी बड़ा रहा। महम, बेरी, बादली, कलानौर, बहादुरगढ़ व गढी-सांपला-किलोई में उन्हें अच्छी लीड मिली। सबसे बड़ी लीड कांग्रेस प्रत्याशी को गढ़ी-सांपला किलोई से मिली। लोकसभा सीट के नतीजों के बाद भाजपा हार पर मंथन करने में जुटी है। इसमें पार्टी में भीतरी घात के साथ-साथ संगठन का सहित तरीके से सहयोग न करने की बात सामने आई है। पन्ना प्रमुख, बूथ प्रमुख व अन्य पदाधिकारियों की भूमिका पर भी चिंतन किया जा रहा है।
भाजपा प्रत्याशी अरविंद शर्मा के पूरे चुनाव प्रचार के दौरान इसी बात का सबसे अधिक खामियाजा रहा है कि पांच साल तक वह जनता के बीच नजर नहीं आए। कांग्रेस ने इस मुद्दे को जमकर भुनाया। अरविंद शर्मा पर सांसद निधि खर्च करने को लेकर भी सवाल उठे। कांग्रेस द्वारा जनता के बीच यह बताया गया कि पांच साल के दौरान सांसद रहे अरविंद शर्मा अपनी सांसद निधि तक खर्च नहीं कर पाए। इस मामले को लेकर अरविंद शर्मा ने स्पष्टीकरण दिया और बताया कि उन्होंने करीब 17 करोड़ रुपये सांसद निधि खर्च की, लेकिन चुनाव प्रचार के दौरान यह मुद्दा हावी रहा।
भाजपा ने प्रधानमंत्री से लेकर गृहमंत्री, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कई प्रदेश के मुख्यमंत्रियों को प्रचार के लिए यहां मैदान में उतारा। प्रधानमंत्री मोदी ने रोहतक व सोनीपत के लिए गोहाना में रैली की, जिसे लेकर भाजपा ने दावा किया था कि मोदी की रैली के बाद माहौल बदल गया है। दीपेंद्र हुड्डा के लिए पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा ही स्टार प्रचारक रहे और करीब साढ़े तीन लाख वोटों से जीत दिलाने में कामयाब रहे।

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