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न्यायाधीश का न्याय

06:37 AM Feb 29, 2024 IST
न्यायाधीश का न्याय
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पश्चिम बंगाल के लोकप्रिय न्यायाधीश नीलमाधव बंद्योपाध्याय अपनी ईमानदारी और सत्यनिष्ठा के लिये ख्यात थे। एक बार उन्होंने खुद को स्वस्थ बताकर पांच हजार रुपये का बीमा करवाया था। हालांकि वे उस समय डायबिटीज से ग्रसित थे। जीवन के अंतिम समय पर नीलमाधव जी खासे अशांत थे। उनके प्राण नहीं निकल पा रहे थे। जब उनके परिजनों ने इसका कारण जानना चाहा तो उन्होंने कहा कि जब अपना बीमा किया तो सच को छिपाकर अपने डायबिटीज के रोग को छिपाया था। यह असत्य व्यवहार अब मन को अशांत कर रहा है। उन्होंने तभी तत्काल बीमा अधिकारियों को बताकर इस बीमा को रद्द करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, मैं नहीं चाहता कि मेरे वारिसों को यह अपवित्र पैसा मिले। उनकी इच्छा के हिसाब से बीमा अधिकारी को आने को कहा गया। बीमा अधिकारी ने कहा, ऐसा तो सभी करते हैं। लेकिन माधव जी ने इसके बाद भी अपना बीमा रद्द करवाया। उन्होंने कहा, अब मैं वास्तव में न्याय कर सका। उसके बाद उन्होंने शांति से अपने प्राण त्याग दिये।

प्रस्तुति : डॉ. मधुसूदन शर्मा

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