For the best experience, open
https://m.dainiktribuneonline.com
on your mobile browser.

अंतर्राज्यीय अवैध हथियार तस्करी रैकेट का फर्दाफाश, 4 गिरफ्तार

07:53 AM Apr 01, 2024 IST
अंतर्राज्यीय अवैध हथियार तस्करी रैकेट का फर्दाफाश  4 गिरफ्तार
Advertisement

मोहाली, 31 मार्च (हप्र)
स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) टीम ने एक अंतर्राज्यीय अवैध हथियार तस्करी रैकेट का फर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से नौ .32 बोर के देसी पिस्टल और 8 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान लुधियाना के चकर गांव के रहने वाले गुरमनजोत सिंह, लुधियाना के गांव लहिरा के कुलदीप सिंह उर्फ माणक, बरनाला के गांव मूम के सुखचैन सिंह और लुधियाना के गांव भैणी गुजरां के संदीप सिंह के रूप में हुई है। उक्त चारों आरोपियों के खिलाफ मोहाली के स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल में आर्म्स एक्ट व आईपीसी की धारा 120बी के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों को सोमवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
दोनों आरोपी कुलदीप सिंह उर्फ माणक और गुरमनजोत सिंह जो वर्ष 2016 में लुधियाना जेल में रहने के दौरान एक-दूसरे के संपर्क में आए थे। उनकी आपराधिक पृष्ठभूमि है और उनके खिलाफ हत्या के प्रयास, हथियार अधिनियम, स्नैचिंग, चोरी आदि से संबंधित कई मामले दर्ज हैं। वह फिलहाल जमानत पर बाहर थे। आरोपी गुरमनजोत वर्ष 2022 में लुधियाना जेल में मुलाकात के बाद मध्य प्रदेश स्थित अवैध हथियार तस्करों के संपर्क में आया था। वह राज्य में आपराधिक गतिविधि को अंजाम देने के इरादे से मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के सेंधवान से अवैध हथियारों और गोला-बारूद की खेप लेकर आता था। एसएसओसी टीम को हथियार तस्करों की आवाजाही के बारे में विश्वसनीय इनपुट मिली थी जिसके बाद राज्य विशेष संचालन की पुलिस टीमों ने कार्रवाई करते हुए उक्त चारों आरोपियों को हथियारों सहित काबू कर लिया। एसएसओसी ने चारों को पटियाला के पातड़ा -खनौरी रोड पर नाकेबंदी दौरान गिरफ्तार किया है। आरोपी अपनी सफेद स्विफ्ट कार में आ रहे थे और उनके कब्जे से 9 पिस्टल बरामद हुई जिस पर स्टार का निशान बना हुआ था। पूछताछ में पता चला है कि गिरफ्तार आरोपियों द्वारा कुछ हथियारों का इस्तेमाल किसी लक्षित संगठित अपराध को अंजाम देने के लिए किया जाना था, जबकि शेष हथियार अन्य गिरोह के सदस्यों को दिए जाने थे। सभी आरोपी पंजाब के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों में आपराधिक गिरोहों को हथियार आपूर्ति करने में भी शामिल थे।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
×