For the best experience, open
https://m.dainiktribuneonline.com
on your mobile browser.

हरियाणा कांग्रेस के दिग्गज लोकसभा टिकट के आवेदन में नहीं दिखा रहे रुचि

10:55 AM Feb 12, 2024 IST
हरियाणा कांग्रेस के दिग्गज लोकसभा टिकट के आवेदन में नहीं दिखा रहे रुचि
Advertisement

दिनेश भारद्वाज/ट्रिन्यू
चंडीगढ़, 11 फरवरी
हरियाणा में लोकसभा उम्मीदवारों के चयन के लिए भाजपा-कांग्रेस में बैठकों का दौर जारी है।  कांग्रेस ने चुनाव लड़ने के इच्छुक नेताओं से आवेदन आमंत्रित किए थे, अब सभी नामों को सूचीबद्ध करने के बाद दस सीटों के लिए कुल 320 दावे सामने आ रहे हैं। रोचक यह है कि 2019 के लोकसभा चुनावों में उम्मीदवार रहे नेताओं में से तीन कांग्रेस छोड़ चुके हैं।
बाकी सात में से केवल श्रुति चौधरी ने भिवानी-महेंद्रगढ़ से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी। बाकी छह नेताओं ने लोकसभा चुनाव के लिए आवेदन तक नहीं किया है। 2019 में अंबाला से कुमारी सैलजा, कुरुक्षेत्र से पूर्व मंत्री चौ़ निर्मल सिंह, करनाल से पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा, रोहतक से दीपेंद्र हुड्डा, सोनीपत से पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, हिसार से भव्य बिश्नोई, सिरसा से डॉ़ अशोक तंवर, गुरुग्राम से कैप्टन अजय सिंह यादव, फरीदाबाद से अवतार सिंह भड़ाना और भिवानी-महेंद्रगढ़ से श्रुति चौधरी ने चुनाव लड़ा था। भव्य बिश्नोई कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो चुके हैं। वर्तमान में वे आदमपुर हलके से भाजपा विधायक हैं। पूर्व सांसद डॉ़ अशोक तंवर ने भी पिछले दिनों भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है। वहीं फरीदाबाद के पूर्व सांसद अवतार सिंह भड़ाना भी कांग्रेस छोड़ चुके हैं। वर्तमान में वे रालोद में हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा के अंबाला या सिरसा से लोकसभा चुनाव लड़ने की चर्चा थी। हालांकि खुद सैलजा कह चुकी हैं कि वे इस बार विधानसभा चुनाव लड़ेंगी। शायद, यही कारण है कि उन्होंने लोकसभा चुनाव के लिए आवेदन ही नहीं किया है। अलबत्ता अंबाला रिजर्व सीट के लिए कुल 40 नेताओं ने आवेदन किया है। मुलाना विधायक वरुण चौधरी के भी चुनाव लड़ने की चर्चाएं रही, लेकिन आवेदन उन्होंने भी नहीं किया है। इसी तरह आरक्षित सीट सिरसा में 41 नेताओं ने टिकट के लिए दावा किया है। इनमें दो पूर्व सांसद – डॉ़ सुशील इंदौरा और चरणजीत सिंह रोड़ी शामिल हैं।
कालांवाली विधायक शीशपाल केहरवाला और रतिया के पूर्व विधायक जरनैल सिंह ने टिकट के लिए आवेदन तक नहीं किया। इन दोनों नेताओं के नाम भी लोकसभा के लिए चल रहे थे। उकलाना से विधायक रहे नरेश सेलवाल ने जरूर सिरसा से लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। कुरुक्षेत्र से इस बार चौ़ निर्मल सिंह ने भी दूरी बना ली है। पूर्व स्पीकर अशोक अरोड़ा का नाम भी कांग्रेस गलियारों में था, लेकिन वे भी विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुटे हैं। कुरुक्षेत्र के लिए आवेदन करने वाले 45 नेताओं में पूर्व प्रधानमंत्री स्व़ लाल बहादुर शास्त्री के बेटे अनिल शास्त्री, यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सतविंद्र सिंह संधू ‘टिम्मी’, अनिल सैनी व निलय सैनी इनमें प्रमुख हैं। किसी भी बड़े नेता ने यहां से टिकट के लिए आवेदन नहीं किया है। वहीं हिसार से भी इस बार बड़े नेताओं ने चुनाव लड़ने में कम ही इच्छा जाहिर की है। पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश ‘जेपी’ तथा पूर्व वित्त मंत्री प्रो़ संपत सिंह के बेटे गौरव संपत सिंह सहित 35 नेताओं ने आवेदन किया है।
कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष जितेंद्र कुमार भारद्वाज ने गुरुग्राम लोकसभा सीट के लिए दावा ठोका है। गांधी परिवार के नजदीकियों में उनकी गिनती होती है।

कुलदीप शर्मा भी हटे मैदान से

पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा इस बार करनाल के मैदान से हट गए हैं। पीढ़ी-दर-पीढ़ी राजनीति कांग्रेस में ही संभव है। इसलिए वे अपने बेटे चाणक्य पंडित को करनाल से लोकसभा लड़वाना चाहते हैं। पूर्व विधायक भरत सिंह छोक्कर भी यहां से दावा ठोक रहे हैं। हुड्डा सरकार में श्रम कल्याण बोर्ड के चेयरमैन रहे पंडित राम स्वरूप शर्मा ‘जांबाज’ भी लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं। यहां से कुल 48 लोगों ने आवेदन किया है। वहीं सोनीपत से धर्मपाल सिंह मलिक, पदम सिंह दहिया व सुखबीर सिंह फरमानिया सहित 79 नेता टिकट की लाइन में हैं। 2019 में यहां से भूपेंद्र सिंह हुड्डा प्रत्याशी थे।

Advertisement

Advertisement
Advertisement
Advertisement
×