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कंक्रीट के जंगल में खो गयी हरियाली

09:00 AM Jun 21, 2024 IST
कंक्रीट के जंगल में खो गयी हरियाली
करनाल स्थित लघु सचिवालय में गर्मी के चलते पानी के पाइप से प्यास बुझाता एक व्यक्ति। दूर पेड़ की छाया में खड़े पुलिसकर्मी। -हप्र
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रमेश सरोए/हप्र
करनाल, 20 जून
आधुनिकता के चलते पेड़-पौधों को काटकर शहरों को क्रंकीट के जंगल में बदल दिया। हरियाली वाले क्षेत्रों में फैक्टरियां, मकान, शोरूम, सड़कों को जाल बिछा दिया। शहरों के चारों ओर अवैध कॉलोनियां काटकर, सड़कों पर दौड़ वाहनों की भीड़, प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान और भूजल के अत्याधिक दोहन ने पेयजल संकट खड़ा कर दिया। जलवायु परिवर्तन ने इंसान सहित पशु पक्षियों के जीवन को पूरी तरह से प्रभावित किया है। पिछले कई दिनों से सूरज आग बरसा रहा है। गर्मी से बचाने में काम आने वाली हरियाली कंक्रीट के जंगल में खो गयी है। जिले में 20 प्रतिशत हरियाली क्षेत्र होना चाहिये था, जबकि अब मात्र साढ़े 3 प्रतिशत क्षेत्रफल में हरे पेड़-पौधे उपलब्ध हैं। सूरज की ऊर्जा सीधे धरती पर पड़ रही हैं, धरती तप कर ऊर्जा को वापस वायुमंडल में धकेल रही है। बिजली से चलने वाले उपकरणों से निकली ऊर्जा ने स्थिति को ओर विकराल बना दिया है। गर्मी से बचाव के लिए सभी उपाय दम तोड़ने लगे हैं, खेती भी प्रभावित होने लगी हैं।
बिजली निगम भी निर्बाध रूप से डिमांड पूरी करने में हाफने लगा हैं। लोग मानसून का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। वन विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार जिले में वन विभाग के पास करीब 6 लाख पेड़ हैं। इन पेड़ों से निकली शुद्ध हवा जिलेवासियों के लिए अपर्याप्त है। जानलेवा गर्मी से बचने के लिए लोग एसी, कूलर घरों में लगा रहे हैं। एसी की डिमांड पिछले साल की अपेक्षा 3 गुणा बढ़ गई है। पर्यावरणविदों ने बताया कि कुछ लोग पर्यावरण को लेकर काफी गंभीरता से काम कर रहे हैं, लेकिन बाकी लोग सिर्फ दिखावट भरा रवैया अपनाते हैं। शहरवासियों की बात करें तो घरों के बाहर पेड़ दिखाई नहीं देते, दुकान या शोरूम के आगे सरकारी जमीनों पर भी एक भी पेड़ दिखाई नहीं देता। इन सब हालातों में कैसे पर्यावरण में सुधार आएगा।

जिले में एसी की 300 दुकानें

डोडा इलेक्ट्रोनिक्स के संचालक संदीप डोडा ने बताया कि एसी की मांग में 3 प्रतिशत से ज्यादा वृद्धि हुई हैं। जिले में 300 से अधिक एसी की दुकानें व शोरूम हैं। जिनमें एसी खरीदने को लेकर मारामारी मची हुई हैं, यही हालत कूलर को
लेकर भी है।

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‘3 लाख पौधे लगाएगा वन विभाग’

वन विभाग के डीएफओ ने बताया कि मानसून में पौधरोपण लगाने का कार्य शुरू करेंगे। इनमें से 3 लाख पौधे वन विभाग लगाएगा। जबकि करीब 4 लाख पौधे वन विभाग बांटेगा। उन्होंने कहा कि जिले में करीब 20 प्रतिशत क्षेत्र हरियाली का होना चाहिए, लेकिन मात्र साढ़े 3 प्रतिशत एरिया ही हरियाली के लिए हैं। उन्होंने कहा कि वन विभाग के पास करीब 6 लाख पेड़ लगे हुए हैं।

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