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खुशी देने वालों को भी दें खुशियां

06:42 AM Jun 11, 2024 IST
खुशी देने वालों को भी दें खुशियां
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संध्या सिंह
रिश्तों को लेकर दुनिया के हर कोने में, इंसानों में एक जैसी भावनाएं होती हैं। यही वजह है कि भले फादर्स डे की शुरुआत अमेरिका में हुई हो, लेकिन यह पूरी दुनिया की संतानों के लिए अपने पिताओं के साथ अपनी सबसे खूबसूरत भावनाओं को बांटने का जरिया बन गया। असल में फादर्स डे पिता ही नहीं, पितातुल्य तमाम लोगों को भी सलाम करने का दिन होता है। वह दिन जब हम पितृत्व के प्यार की सराहना करें, पिता को एक महाराजा जैसे महसूस कराएं। लेकिन हम सबके पास नये-नये आइडिया और कल्पनाएं नहीं होतीं और हर साल एक जैसे तरीके से ही फादर्स डे सेलिब्रेट करते रहते हैं। तो आइये इस साल फादर्स डे को ऐसे तरीके से मनाएं कि यह दिन उनके लिए खुशियों से लबालब हो जाए।
साथ बिताएं क्वालिटी वक्त
याद करिये बचपन के वे छुट्टी वाले दिन जब पिता अपनी सारी प्रियोरिटीज़ भूलकर हमें खुश करने के लिए तरह-तरह के खेल खिलाने से लेकर हमें खुश देखने के लिए घोड़ा तक बनते थे। फिर हम बड़े हुए, पढ़ाई की और शानदार कैरियर हासिल किया। आज हमारे पास हाय-हैलो के अलावा उनके साथ गुजारने के लिए वक्त ही नहीं है, क्योंकि जिंदगी में बहुत प्रतिस्पर्धा है। लेकिन यह एक दिन ऐसा है कि सारी व्यस्तताओं को एक तरफ रख उनके साथ बैठें, चाय पीएं, पकौड़े खाएं, पुरानी बातें करें। जीवन की उन घटनाओं को याद करें जो उन्हें खुशियों से भर देती हैं। जिनसे पिता को अपने पिता होने पर गर्व होता है। आओ फिर से बच्चे बन जाएं। गोदी में नहीं तो इर्दगिर्द ही लोट जाएं।
उन्हें उपहार दें
शास्त्रों में कहा गया है कि माता-पिता ने बेहतरीन परवरिश करके, पाल-पोसकर हमें बड़ा किया है, उस ऋण को हम कभी नहीं चुका सकते। फिर भी ऐसी कोशिशें तो कर सकते हैं कि हम उनके साथ खुद को भी आज खुशियों से भर लें, रोमांचित हो लें। तो चलें पापा को कुछ ऐसे उपहार दें, जो चीजें उन्हें सबसे ज्यादा प्रिय हैं। हम सब जानते हैं कि हमारे पापा को क्या चीज प्रिय है यानी क्या खाने-पीने से उनकी आंखों में चमक तैरने लगती है व किन किताबों, कहानियों या फिल्मों का जिक्र करना पसंद है। तो आइये उन्हें उनकी पसंदीदा टी-शर्ट, पसंदीदा डिजाइन वाले जूते या पसंदीदा कलाई घड़ी उपहार में दें।
भावनाओं का स्पर्श
उपहार देने के पीछे असली बात या विचार तो भावनाओं के ही होते हैं। इसमें अगर कुछ समझ में न आ रहा हो तो एक अपने हाथ से एक रंग-बिरंगा कार्ड बनाएं और उसमें खूबसूरत शब्दों में सजाकर लिखे ‘हैप्पी फादर्स डे पापा’। जाहिर है इन शब्दों में आपकी भावनाओं के अलावा और कुछ नहीं लगा। लेकिन ये भावनाएं बहुत कीमती हैं। अगर आपकी दिल की लरजती हुई भावनाएं पापा के दिल की भावनाओं को तरंगित कर सकें तो इससे कीमती कोई उपहार नहीं है। इससे पापा एकांत में कई-कई दिन तक खुशियों से सराबोर रहेंगे। पापा के लिए कुछ ऐसे गिफ्ट दें, जिन्हें आमतौर पर गिफ्ट की श्रेणी में रखा ही न जाता हो। मसलन, उनके कॉलेजों के दिनों की कोई खास तस्वीर चुपके से सजा संवारकर या फोटो स्टुडियों में नये तरह से फ्रेम कराकर उन्हें दें और हैरान कर दें। आपके पापा अपने कॉलेज की दुनिया में पहुंच जाएंगे। पापा को याद आएंगे उनके दोस्त जिनका वो आपसे अकसर जिक्र किया करते हैं।
शब्दों के सुरमई गिफ्ट
हम सब जानते हैं बातों से ज्यादा कीमती कोई चीज नहीं होती। शब्द भावनाओं का जीवंत रूप होते हैं। तो आज के दिन अपने पापा के प्रति अपनी खूबसूरत भावनाएं लिखकर व्यक्त करें। उन्हें अपनी भावनाओं को व्यक्त किया गया कार्ड दें। जिन्हें पढ़कर उन्हें अपने आप पर गर्व हो, खुशियों से झूम उठें और सम्मान में रोमांचित हो उठें। अगर आपको कुछ न सूझ रहा हो तो यही लिखकर उन्हें मासूमियत से पकड़ा दें, ‘आप मेरे दुनिया के सबसे अच्छे पापा हैं’।
...और दिल का रास्ता
किसी के दिल तक पहुंचने के लिए एक रास्ता पेट से होकर भी गुजरता है। आपको याद होगा कि आपके पापा को किस रेस्तरां की कौन सी डिश का नाम लेते ही मुंह में पानी आ जाता है। कौन सी मिठाई है जिसकी वो तारीफ करने का जरा सा मौका मिले कि पूरी कथा छेड़ देते हैं। तो फादर्स डे पर उनकी सबसे पसंदीदा डिश खिलाइये, उस मिठाई से मुंह मीठा करिये और हां, अगर ये खुद बनाकर खिला सकें तो इससे बेहतर कुछ नहीं है।

-इ.रि.सें.

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