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दिन में जेल से बाहर काम करने की आजादी

07:05 AM Jun 23, 2024 IST
दिन में जेल से बाहर काम करने की आजादी
करनाल जिला कारागार की फाइल फोटो। -हप्र
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रमेश सरोए/हप्र
करनाल, 22 जून
हरियाणा सरकार की योजना के तहत बनी ओपन जेल कैदियों की किस्मत के बंद दरवाजे खोल रही है। कैदी अपने परिवारों के साथ आजादी के साथ रह रहे हैं। ओपन जेल के कैदी पूरी स्वतंत्रता के साथ जेल के 20 किलोमीटर के दायरे में कहीं पर भी जाकर अपना काम धंधा कर सकते हैं। इस योजना के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। करनाल कारागार में ओपन जेल में 23 परिवार बच्चों सहित रह रहे हैं, जो जेल के आसपास, फैक्टरी, दुकानों, कोर्ट में काम कर अपना जीवनयापन कर रहे हैं। योजना के अंतर्गत आए कैदी सामाजिक ताने-बाने में फिर से घुलमिल चुके हैं, साथ ही कैदियों पर होने वाला खर्च भी काफी हद तक कम हुआ हैं। ओपन जेल में जेल प्रशासन की ओर से कैदी को 2 रूमसेट, रसोई ओर शौचालय की सुविधा फ्री उपलब्ध कराई जाती है। कैदी से सिर्फ बिजली का बिल लिया जाता है। ओपन जेल में 30 परिवारों के लिए व्यवस्था हैं। ओपन जेल में कैदियों को परिवारों के साथ देखकर दूसरे कैदी भी ओपन जेल में रहने का प्रयास करते हैं, लेकिन इसके लिए कई शर्तें पूरी करनी होती हैं। जो कैदी इन शर्तों को पूरा कर जाता हैं, उसे ओपन जेल में भेज दिया जाता है। जेल प्रशासनिक अधिकारी की माने तो ओपन जेल में जाने की चाह रखने वाले कैदी परिवारों के माध्यम से सांसद, विधायकों ओर मंत्रियों की सिफारिशें भी करवाते हैं, लेकिन जेल प्रशासन का एक ही जवाब होता है कि सरकार ने जो शर्तें बनाई हैं, उन्हें पूरा करने वाला कैदी ओपन जेल में जाने के योग्य होता है। 31 दिसंबर 2020 को जेल मंत्री और डीजी हरियाणा ने ओपन जेल का शुभारंभ किया था। यह जेल करनाल व फरीदाबाद में बनाई थी। यहां प्रदेश की पहली ओपन जेल है। करनाल जेल में कैदी रखने की क्षमता 2434 हैं, जबकि जेल में इस वक्त 1975 कैदी हैं।
ये हैं नियम
हार्डकोर कैदी नहीं होना चाहिए, जेल में बंद कैदी पर केवल एक ही केस दर्ज होना चाहिए। जेल में रहते 3 साल तक जेल में कोई अपराध न किया हो। 25 साल से कम उम्र नहीं होनी चाहिए।
मामला कोर्ट में विचाराधीन नहीं होना चाहिए। कैदी हरियाणा का होना चाहिए। कैदी काम करने के योग्य होने चाहिए। इसके अलावा ओपन जेल में जाने वाले कैदी को सुबह 6 बजे रजिस्टर पर हस्ताक्षर कर ओपन जेल से काम करने के लिए बाहर जा सकता है, लेकिन उसे शाम 6 बजे से पहले उसे वापस आना पड़ता है।

सरकार ने कैदियों को समाज की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए करनाल और फरीदाबाद में ओपन जेल शुरू की है। करनाल की जेल में 23 परिवार रह रहे हैं। ओपन जेल के सकारात्मक परिणाम सामने आये हैं। सरकार की पहल से कैदियों को जेल की सजा के बाद समाज के साथ तालमेल बैठान में मदद मिलेगी
-रणजीत सिंह, जेल मंत्री

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