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कतर में कैद भारत के पूर्व नौसैनिकों की घर वापसी

07:18 AM Feb 13, 2024 IST
कतर में कैद भारत के पूर्व नौसैनिकों की घर वापसी
कतर से रिहा होकर लौटे नौसेना के पूर्व कर्मी दिल्ली में एयरपोर्ट पर। -एएनआई
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नयी दिल्ली, 12 फरवरी (एजेंसी)
कतर ने भारतीय नौसेना के उन आठ पूर्व कर्मियों को रिहा कर दिया है जिन्हें पिछले साल अक्तूबर में मौत की सजा सुनाई गई थी। इनमें से सात लोग भारत लौट आये हैं। उनकी घर वापसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कतर दौरे से ठीक पहले हुई है। मोदी संयुक्त अरब अमीरात की अपनी यात्रा के बाद 14 फरवरी को कतर की राजधानी दोहा जाएंगे।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि देश अपने नागरिकों की रिहाई को संभव बनाने के लिए कतर के अमीर के फैसले की सराहना करता है। विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने व्यक्तिगत रूप से मामले की निगरानी की है।
भाजपा नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों ने इसे भारत के लिए बड़ी कूटनीतिक जीत बताया और इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया। कांग्रेस ने पूर्व नौसेनिकों की रिहाई पर खुशी जताते हुए कहा कि हम उन्हें और उनके परिवारजनों को बधाई व शुभकामनाएं देते हैं।
ऐसा माना जाता है कि नौसेना के इन पूर्व कर्मियों के खिलाफ जासूसी का आरोप था। हालांकि न तो कतर के प्रशासन और न ही भारतीय अधिकारियों की तरफ से इसको सार्वजनिक किया गया कि इन लोगों के खिलाफ क्या आरोप थे। कैप्टन (सेवानिवृत्त) नवतेज गिल और सौरभ वशिष्ठ, कमांडर (सेवानिवृत्त) पूर्णेंदु तिवारी, अमित नागपाल, एसके गुप्ता, बीके वर्मा, और सुगुनाकर पकाला और नाविक (सेवानिवृत्त) रागेश को सजा सुनाई गई थी। मामले से अवगत लोगों ने कहा कि तिवारी दोहा में ही रुके हैं और उनके जल्द ही भारत वापस आने की संभावना है।
पिछले साल दिसंबर में पीएम मोदी ने दुबई में ‘कॉप 28’ शिखर सम्मेलन के मौके पर कतर के अमीर शेख तमीम बिन हम्माद अल-थानी से मुलाकात की थी। पता चला है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने भारतीयों की रिहाई सुनिश्चित करने में कतर के अधिकारियों के साथ बातचीत में भूमिका निभाई थी।

2022 में हुई थी गिरफ्तारी

2018 : नौसेना के 8 पूर्व कर्मियों ने कतर नौसेना की एक संवेदनशील परियोजना पर काम शुरू किया।
30 अगस्त 2022 : सभी 8 भारतीयाें और अल दहरा ग्लोबल टेक कंपनी के मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया।
नवंबर 2022 : अल दहरा कंपनी के मालिक को रिहा कर दिया गया।
26 अक्तूबर 2023 : नौसेना के आठों पूर्व कर्मियों को कतर की एक अदालत ने मौत की सजा सुनाई।
28 दिसंबर : अपीलीय अदालत ने मृत्युदंड की सजा को अलग-अलग अवधि के कारावास में बदल दिया।
12 फरवरी 2024 : आरोप हटे, घर वापसी हुई।

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