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दिल्ली कूच रोकने को बार्डर से बैठक तक कोशिशें

07:16 AM Feb 13, 2024 IST
दिल्ली कूच रोकने को बार्डर से बैठक तक कोशिशें
फतेहगढ़ साहिब में सोमवार रात दिल्ली रवानगी के लिए तैयार किसानों के ट्रैक्टर-ट्राॅलियां। -प्रेट्र
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ट्रिब्यून न्यूज सर्विस
चंडीगढ़, 12 फरवरी
संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) और किसान-मजदूर मोर्चा द्वारा मंगलवार को दिल्ली कूच के ऐलान के बीच सोमवार को जहां हरियाणा सरकार सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त में जुटी रही, वहीं केंद्रीय मंत्रियों की टीम किसान नेताओं के साथ दूसरे दौर की बातचीत के लिए चंडीगढ़ पहुंची। खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल और कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने यहां सेक्टर-26 में महात्मा गांधी राज्य लोक प्रशासन संस्थान में किसान नेताओं के साथ बैठक की। शाम करीब 6.30 बजे शुरू हुई बैठक देर रात खबर लिखे जाने तक जारी थी। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल और किसान मजदूर संघर्ष समिति के महासचिव सरवन सिंह पंधेर सहित अन्य लोग बैठक में शामिल हुए। उधर, किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए पंजाब से हरियाणा आने वाली अधिकांश सड़कों को सील किया जा चुका है। बहादुरगढ़ में ढांसा बार्डर को भी सील कर दिया गया है। कुंडली में सिंघु बार्डर पर भी सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गये हैं। कई जगह रूट डायवर्ट किए गये हैं।
हरियाणा के पंजाब से सटे जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद हैं। सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी पुलिस पैनी नजर रखे हुए है। किसानों को दिल्ली पहुंचने से रोकने के लिए हरियाणा में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 64 कंपनियां तैनात की जा चुकी हैं। वहीं, हरियाणा पुलिस की भी 50 कंपनियां संवेदनशील क्षेत्रों और पंजाब से सटे जिलों में लगाई गयी हैं। ड्रोन, सीसीटीवी कैमरों आदि के माध्यम से भी नजर रखी जा रही है। प्रदेश के 15 जिलों में धारा-144 लगाई गयी है। उधर, दिल्ली पुलिस ने एक महीने के लिए धारा-144 लगा दी है।
सूत्रों का कहना है कि हरियाणा पुलिस को खुफिया एजेंसियों की ओर से रिपोर्ट दी गई है कि 2500 से अधिक ट्रैक्टरों-ट्रालियों में 20 हजार से अधिक किसान दिल्ली कूच के लिए निकल सकते हैं। किसानों को रोकने के लिए सड़कों पर पत्थरों की बैरिकेडिंग की गयी है। सड़कों पर कीलें लगाई गयी हैं। कंटेनर भी सड़कों पर रखे गए हैं। नहरों व नालों से किसानों के जाने की संभावना को देखते हुए उनकी भी खुदाई करवाई जा चुकी है।

पाबंदियों के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका, सुनवाई आज

सड़कें बंद करने और इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदी के हरियाणा सरकार के फैसले को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गयी है। इसमें हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ व केंद्र सरकार को पार्टी बनाया गया है। सुनवाई मंगलवार को होगी। वकील उदय प्रताप सिंह ने याचिका में कहा है कि किसानों का आंदोलन रोकने के लिए सरकार द्वारा किए गये उपायों के कारण लोग परेशान हो रहे हैं।

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पांच मांगों पर सहमति !

रुचिका एम. खन्ना (चंडीगढ़) : सूत्रों के हवाले से पता चला है कि किसानों की 17 मांगों में से 5 पर केंद्रीय दल ने सहमति जताई है। देर रात अंतिम सूचना मिलने तक किसान नेताओं ने 'दिल्ली चलो' प्रदर्शन को वापस लेने से मना कर दिया था। बताया जाता है कि लखीमपुर खीरी मामले को लेकर केंद्रीय मंत्री अजय कुमार मिश्रा को बर्खास्त करने की मांग पर किसान नेताओं को केंद्रीय दल ने इतना ही कहा कि मामला अदालत में विचाराधीन है। पता चला है कि केंद्रीय दल ने लखीमपुर खीरी मामले में घायल हुए किसानों को 10 लाख रुपये मुआवजा देने, 2020-21 के किसान मोर्चा के दौरान दर्ज मामले रद्द करने, इस आंदोलन के दौरान मारे गये किसानों के आश्रितों को मुआवजा और नौकरी देने इत्यादि पर सहमति जता दी है। फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी, पूरी तरह कर्ज माफी और स्वामीनाथन आयोग के फार्मूले के अनुसार फसलों के दाम तय करने के मुद्दे पर बात अटकी रही।

पंजाब के कई इलाकों में भी इंटरनेट बंद

बठिंडा (निस) : कानून व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर पंजाब के बठिंडा, मानसा और श्री मुक्तसर साहिब जिलों के कुछ इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गयी हैं। बठिंडा जिले के थाना संगत इलाके में 16 फरवरी तक इंटरनेट सेवा बंद रहेगी।
‘हिरासत में लिए जा रहे किसान’ : किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने सोमवार को कहा कि ‘दिल्ली चलो’ मार्च का समर्थन करने के लिए कर्नाटक और मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों से आ रहे कई किसानों को भोपाल में हिरासत में ले लिया गया है। उन्होंने कहा कि एक तरफ केंद्र हमारे साथ बातचीत कर रहा है और दूसरी तरफ, हमारे लोगों को हिरासत में ले रहे हैं। सरकार को वार्ता के लिए सकारात्मक माहौल बनाने की जरूरत है। सरकार हमारे लोगों को रिहा करे।

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