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साहसी संस्थापक का सादर स्मरण

07:44 AM Feb 02, 2024 IST
साहसी संस्थापक का सादर स्मरण
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आज, अपने संस्थापक दिवस पर, हम असाधारण दूरदर्शी सरदार दयाल सिंह मजीठिया की स्मृति में उत्सव मना रहे हैं, जिन्होंने 143 साल पहले लाहौर में ‘द ट्रिब्यून’ की स्थापना की थी। वास्तव में हमारे संस्थापक एक विरले पंजाबी, एक सफलतम व्यवसायी, अग्रणी बैंकर, दार्शनिक, अध्यात्मवादी और एक महान राष्ट्रवादी थे, जिन्होंने पंजाबी युवाओं को शिक्षा के अवसर प्रदान करने, लोगों में जागरूकता बढ़ाने और राष्ट्रीय स्वतंत्रता के संघर्ष का पुरजोर समर्थन करने के लिए अपनी पूरी संपत्ति और धन समाज को समर्पित कर दिया। कभी समझौता न करने वाले उदारवादी और दृढ़ लोकतंत्रवादी सरदार ने एक निर्भीक, स्वतंत्र और निष्पक्ष प्रेस के कामकाज को बहुत महत्व दिया। हमारे मूलभूत मूल्यों के अनुरूप काम करते रहे उनके अनमोल सिद्धांत 2 फरवरी, 1881 को प्रकाशित पहले संपादकीय में समाहित हैं।
यह बहुत गर्व और खुशी की बात है कि पिछली एक सदी से भी अधिक अवधि से जारी खतरों, दबावों और गंभीर वित्तीय एवं अन्य चुनौतियों के बावजूद, द ट्रिब्यून और बाद में, हिंदी और पंजाबी में इसके दो सहयोगी प्रकाशन सही मुद्दों की दृढ़ता से वकालत करने और उत्तर भारत में रहने वाले छह करोड़ से अधिक लोगों की शिकायतों को निर्भीकता से उठाने में कभी न तो डगमगाए और न ही विफल रहे।
इस शुभ दिवस पर, सभी ट्रस्टी, हमारे तीनों समाचार पत्रों के प्रकाशन में लगे सभी कर्मचारी और द ट्रिब्यून स्कूल के शिक्षक, छात्र और स्टाफ के अन्य सदस्य अपने संस्थापक को सम्मानपूर्वक श्रद्धांजलि देते हैं और इसके साथ ही समृद्ध विरासत को बनाये रखने, इसे और मजबूत करने के लिए अपने समर्पित प्रयासों का संकल्प दोहराते हैं।
- एनएन वोहरा
अध्यक्ष
द ट्रिब्यून ट्रस्ट, चंडीगढ़

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