For the best experience, open
https://m.dainiktribuneonline.com
on your mobile browser.

शृंखला बचाने के लिये गेंदबाजों को बेहतर प्रदर्शन करना होगा

06:29 AM Jan 03, 2024 IST
शृंखला बचाने के लिये गेंदबाजों को बेहतर प्रदर्शन करना होगा
Advertisement

केपटाउन, 2 जनवरी (एजेंसी)
पहले टेस्ट में शर्मनाक हार के बाद वापसी के लिये भारतीय गेंदबाजों को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ यहां बुधवार से शुरू हो रहे दूसरे क्रिकेट टेस्ट में बेहतर प्रदर्शन करना होगा, ताकि विश्व चैम्पियनशिप अंक तालिका में ऊपर आने का रास्ता बन सके। इस समय विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप 2023-25 चक्र में दक्षिण अफ्रीका शीर्ष पर है जबकि भारत छठे स्थान पर है।
हरफनमौला रविंद्र जडेजा की वापसी से मध्यक्रम संतुलित होगा और बीच के ओवरों में पुरानी कूकाबूरा से वह प्रभावी साबित होंगे। भारत के लिये तीसरे और चौथे तेज गेंदबाज की भूमिका अहम होगी। प्रसिद्ध कृष्णा अभी टेस्ट क्रिकेट के लिये तैयार नहीं हैं और शार्दुल ठाकुर लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं। बल्लेबाजों में शीर्ष तीन यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर के खराब फॉर्म ने टीम की चिंता बढ़ा दी है। उन्हें दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजों के बाउंसर झेलने होंगे। पहले टेस्ट की पहली पारी में केएल राहुल और दूसरी पारी में विराट कोहली को छोड़कर भारत का कोई बल्लेबाज सेंचुरियन में अतिरिक्त उछाल का सामना नहीं कर सका। नये विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप चक्र में एक हार और एक ड्रॉ के बाद भारत जीत के लिये बेताब होगा । इस मैदान पर हालांकि पिछले छह में से चार मैच भारत गंवा  चुका है।
इस टेस्ट के बाद विदा ले रहे दक्षिण अफ्रीका के कप्तान डीन एल्गर नहीं चाहेंगे कि महेंद्र सिंह धोनी के बाद यहां टेस्ट शृंखला ड्रॉ कराने वाले रोहित भारत के दूसरे कप्तान बनें । यहां टॉस की भूमिका अहम होगी क्योंकि तापमान 33-34 के बीच है और पिच पर हरी घास है। यह पिच बल्लेबाजों की मददगार हो सकती है जिस पर स्पिनरों को ज्यादा मदद नहीं मिलेगी। ऐसे में जडेजा के फिट होने पर टीम में रविचंद्रन अश्विन को रखने के कोई मायने नहीं है। रोहित को यह भी देखना होगा कि वह अपने विशेषज्ञ बल्लेबाजों पर भरोसा करके शार्दुल और प्रसिद्ध की जगह मुकेश कुमार या आवेश खान को जगह देंगे। बल्लेबाजों की मददगार पिच पर एल्गर, एडेन मार्कराम, टोनी डि जोर्जी, कीगन पीटरसन पर अंकुश लगाना आसान नहीं होगा। नयी गेंद की भूमिका अहम होगी। जसप्रीत बुमराह दुआ करेंगे कि आसमान में बादल घिरे हों और पहले टेस्ट की तरह वह बदकिस्मत साबित नहीं हो जब भारत की फील्डिंग भी लचर साबित हुई थी।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
×