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भाजपा नेताओं ने रुकवाई हिमाचल को आर्थिक मदद : सीएम

07:17 AM Mar 30, 2024 IST
भाजपा नेताओं ने रुकवाई हिमाचल को आर्थिक मदद   सीएम
सराज भाजपा त्रिदेव सम्मेलन को संबोधित करते पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ।
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शिमला, 29 मार्च (हप्र)
हिमाचल प्रदेश में लोकसभा चुनाव के लिए अभी भले ही वक्त है लेकिन इससे पहले ही राज्य के दोनों प्रमुख राजनीतिक दल कांग्रेस और भाजपा मतदाताओं को लुभाने और एक दूसरे के विरोध में माहौल बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज शिमला में कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने बिना केंद्र सरकार की मदद के आपदा प्रभावित 25 हजार से अधिक परिवारों को बसाया, जबकि भाजपा नेताओं ने आपदा में भी राजनीति की। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने बीते वर्ष बरसात के मौसम में अभूतपूर्व प्राकृतिक आपदा का सामना किया, भारी बारिश के कारण आई बाढ़ और भू-स्खलन ने जनजीवन तथा सम्पत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान करने के लिए सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद 4500 करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज जारी किया। प्रदेश में आई अभूतपूर्व आपदा के बावजूद केंद्र सरकार ने आपदा प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने एवं उनके पुनर्वास के लिए कोई विशेष आर्थिक पैकेज नहीं दिया। इस आपदा के दौरान हिमाचल प्रदेश के भाजपा नेताओं का राज्य विरोधी चेहरा देखने को मिला।
उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों की मदद करने की बजाय भाजपा नेता केंद्र सरकार की आर्थिक मदद रुकवाने के लिए रोड़े अटकाते रहे। जब विधानसभा में हिमाचल प्रदेश की आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने के लिए राज्य सरकार प्रस्ताव लेकर आई तो भाजपा विधायक तीन दिन तक बड़ी-बड़ी बातें करते रहे। लेकिन जब प्रस्ताव के पक्ष में वोट करने की बारी आई तो भाजपा विधायक प्रस्ताव के विरोध में खड़े हो गए। भाजपा नेताओं की कथनी और करनी लोगों के सामने आ चुकी है और भाजपा नेताओं का सच राज्य की जनता जान चुकी हैं। वहीं, प्रदेश सरकार ने अपने सीमित संसाधनों से पूरी तरह से क्षतिग्रस्त घर के पुनर्निर्माण के लिए सहायता राशि को 1.30 लाख से बढ़ाकर 7 लाख रुपये, आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कच्चे घरों के लिए सहायता राशि को 6 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये, दुकान या ढाबे के नुकसान पर सहायता राशि को 25 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये और गौशालाओं को नुकसान होने पर सहायता राशि को 3 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा के वक्त प्रदेश के लोगों ने सरकार का भरपूर साथ दिया। छोटे छोटे बच्चों ने गुलक तोड़ कर आपदा राहत कोष में अंशदान किया। मगर भाजपा सरकार ने ओच्छी राजनीति करते हुए आपदा राहत की राशि जारी नहीं की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता चुनाव में इसका हिसाब लेगी।

सोशल मीडिया पर मुद्दे उठाने में जुटे सुक्खू

मुख्यमंत्री सुक्खू भले ही प्रदेश और प्रदेश से बाहर लगातार चुनावी दौरे कर रहे हैं मगर सोशल मीडिया के माध्यम से चुनावी मुद्दों को उठाना नहीं भूल रहे हैं। बीते रोज मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया एकाउंट में ओपीएस का मुद्दा उछाला था। उन्होंने लिखा कि भाजपा शासित किसी भी राज्य में ओपीएस बहाल नहीं हुई है जबकि उनकी प्रदेश ने वायदे के मुताबिक इसे लागू किया है।

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4 जून को एक नहीं, दो सरकारें बनेंगी : जयराम

मंडी (निस) : हिमाचल की जनता आने वाली चार जून को एक नहीं दो सरकारें चुनने जा रही है। यह मात्र लोकसभा का चुनाव नहीं है। हिमाचल के इतिहास में ऐसा पहली बार होने जा रहा है कि जनता 14 महीनों की सरकार को चलता कर नई सरकार चुनेगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू जितना मर्जी जोर अपनी सरकार बचाने के लिए लगा लें लेकिन ये झूठी सरकार टिकने वाली नहीं है क्योंकि आज से ठीक एक माह पहले ही ये कांग्रेस सरकार अपना बहुमत खो चुकी है। अपने गृह क्षेत्र सराज के थुनाग में आयोजित भाजपा त्रिदेव सम्मेलन में ये दावा करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एवं सराज के विधायक जयराम ठाकुर ने कहा कि ये मात्र लोकसभा नहीं हिमाचल में नई सरकार चुनने का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि आज मुख्यमंत्री के कारण कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह ही चुनाव लड़ने से दूर भाग रही हैं। कह रही हैं कि काम न होने से कार्यकर्ता नाराज हैं। उनके कैबिनेट सहयोगी ही इस यारों की सरकार से परेशान हैं और रोते हुए कैबिनेट से बाहर भाग रहे हैं। अपने विधायकों को जेड प्लस सुरक्षा दे रखी है ताकि वे कहीं भाग न जाएं। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्यसभा चुनाव के बाद विधानसभा अध्यक्ष को इस पूरे मामले में तटस्थ रहना चाहिए था और ऐसी हम उम्मीद करते थे लेकिन अब तो हद हो गई है कि तीन निर्दलीय विधायकों ने भी इस सरकार के दमन से तंग आकर एक सप्ताह पहले इस्तीफा अपनी सदस्यता से दे दिया है लेकिन विस अध्यक्ष ने उसे स्वीकार नहीं किया है। उन्होंने कहा कि हम न्यायालय में इस मामले को ले जा रहे हैं। इस मौके पर मंडल भाजपा के प्रमुख पदाधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहे।

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