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स्नेहिल रिश्तों में भी हो हर कदम पर सावधानी

08:04 AM Jan 30, 2024 IST
स्नेहिल रिश्तों में भी हो हर कदम पर सावधानी
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युवतियां-महिलाएं कई बार फरेब भरे रिश्तों के जाल में फंस जाती हैं चाहे वह वर्चुअल दुनिया हो या असल। कुछ स्वार्थी लोग दोस्ती के नाम पर महिला के जीवन की जानकारी लेते हैं और खुद दुराव-छुपाव रखते हैं। एेसे में जरूरी है कि स्नेहमयी रिश्तों में भी हर कदम सजगता बरतें।

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डॉ. मोनिका शर्मा

मन से जुड़े संबंधों में धोखा खाने की खबरें आये दिन सामने आती हैं। अधिकतर महिलाएं ऐसे रिश्तों की उलझनों में फंसकर अपने लिए अनगिनत समस्याओं को न्योता दे बैठती हैं। इसे भावनात्मक बहाव कहें या आज की उलझती जिंदगी की मनःस्थिति का भटकाव। युवतियां ही नहीं, महिलाएं भी कई बार फरेबी रिश्तों के जाल में फंस जाती हैं। आपराधिक घटनाओं के आंकड़े भी इस बात की तसदीक करते हैं कि पढ़ने-कैरियर बनाने की राह पर चलती बेटियां भी धोखेबाज़ी का शिकार हो रही हैं और घर-गृहस्थी बसा चुकी महिलाएं भी। कहीं वर्चुअल दुनिया से शुरू हुई बातचीत बहकावे के हालात बना देती है तो कहीं वास्तविक संसार में कमजोर मनःस्थिति को भांपकर लोग दिशाहीनता की परिस्थितियां पैदा करते हैं। जरूरी है कि महिलाएं समय रहते चेतें। व्यावहारिक धरातल पर भी ऐसे रिश्तों को परखें। साथ ही अपने जीवन से जुड़े दूसरे रिश्ते-नातों की उलझनों के दौर में थोड़ा संयत होकर सोचें। अधिकतर मामलों में ऐसे फरेबी रिश्ते जीवन को देते तो कुछ नहीं, पर छीन बहुत कुछ लेते हैं। इस तरह की धोखेबाजी को पहचानिए।

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व्यक्तिगत जीवन को छिपाना
प्रेम और लगाव के नाम पर महिलाओं को भावनात्मक सहारा देने का फरेब करने वाले लोग अपने पारिवारिक रिश्तों की बात कभी नहीं करते। वे पहले से जानते हैं कि यह एक अस्थायी जुड़ाव है, अपने व्यक्तिगत जीवन का कोई पहलू आपके सामने नहीं लाएंगे। जबकि महिलाएं मन-जीवन से जुड़ी बहुत सी बातें साझा कर लेती हैं। कई बार तो आगे चलकर ऐसी गलतियां ब्लैकमेलिंग का कारण बनती हैं। युवतियों को अपने भविष्य को लेकर डराया जाता है तो विवाहित महिलाओं को पारिवारिक बिखराव को लेकर। किसी से प्रेमपगा जुड़ाव रखना गलत नहीं है पर सजगता तो ऐसे स्नेहमयी रिश्तों में भी बरतनी ही चाहिए।
भावनात्मक जुड़ाव की उपेक्षा
यह बात हर महिला को समझनी चाहिए कि समय बिताने के लिए आपसे जुड़ने या लगाव के नाम पर दिखावा करने वाले इंसान में इमोशनल जुड़ाव का बहाव नहीं होगा। घंटों फोन पर बतियाने, वीडियो चैट करने या मिलने के बावजूद मन का कोई कनेक्शन जोड़ने की कोशिश ही नहीं की जाएगी। वहीं करनी और कथनी में भी फर्क रहता है। ऐसे इंसान का ध्यान अपनी इच्छाओं को पूरा करने पर ही रहता है। एजेंडे के साथ ऐसे निष्ठाहीन व्यक्ति अंतरंगता बढ़ाने के बाद भी आपको अपनी दुनिया में शामिल नहीं करते। मित्र या परिजन- किसी से मिलवाने में हिचकते हैं, बहाने ढूंढ कर बचते हैं। आपके जानकारों से मिलने से भी बचता है। अपनी पहचान सामने लाना ही नहीं चाहते। ऐसी बातों और बर्ताव को लेकर सजग रहिए।
भरोसे की कमी
धोखेबाज़ी के ऐसे रिश्तों में विश्वास करने से कहीं ज्यादा शक की स्थितियां बनती हैं। बावजूद इसके महिलाएं भावुक होकर बनावटी बातों के फेर में फंसती जाती हैं। एक्सट्रा मैरिटल अफेयर्स में तो ऐसे मामले भी सामने आ चुके हैं कि महिलाओं ने जानते-बूझते इस भंवर में डूबने की गलती की। अपने जीवन में दुश्वारियां पैदा कर लीं। जबकि ऐसे व्यक्ति के लिए रिश्ते के पहले ही पड़ाव से उनकी भावनाएं और इच्छाएं कोई मायने नहीं रखतीं। ऐसे लोग फरेब के इस खेल में माहिर होते हैं। मिलने-जुलने का समय तक अपनी योजनाओं के अनुसार निकालने वाले ऐसे लोग आर्थिक रूप से सक्षम युवतियों और महिलाओं से फाइनेंशियल मदद के नाम पर भी ठगी करते देखे जाते हैं। समझना जरूरी है कि जब एक इंसान दूसरे इंसान की आवश्यकताओं, परिस्थितियों और चिंताओं को ध्यान में रखे बिना संबंध जोड़ता है तो अपने निजी फायदे के सिवा कुछ और नहीं सोच पाता। उनका टॉक्सिक व्यवहार बनावटी-दिखावटी बातों से महिलाओं के मन को दिशाहीन करता है।


वर्चुअल धोखेबाज़ी की राह
आजकल वर्चुअल दुनिया के जुड़ाव में यह फरेब खूब देखने को मिल रहा है। क्योंकि आभासी संसार में अपनी असलियत छिपाना और आसान है। वर्चुअल धोखेबाज़ी वाले लोगों से ऑनलाइन जुड़ाव रखने में विशेष सावधानी बरतना जरूरी है। टेक्स्ट मेसेज हो या वॉइस कॉल, महिलाएं सजग रहें। बहकावे में आकर अपनी कोई तस्वीर या वीडियो न भेजें। मर्यादा से परे बात न करें। पीड़ा जताने से भी बचें। रोमांटिक रिश्तों के फेर में उपजते बिखराव की स्थितियां ऐसी हैं कि देश के 19 महानगरों में अपराध के आंकड़ों से जुड़ी एनसीआरबी की ताज़ा रिपोर्ट में हत्या के मामलों की तीसरी सबसे बड़ी वजह लव अफेयर बताया गया है। ऐसे मामले आत्महत्या की भी बड़ी वजह हैं। ऑनलाइन दुनिया के रोमांस स्कैमर्स स्नेह, साथ और वर्चुअल संवाद के नाम पर झांसा देते हैं। इसीलिए असल दुनिया हो या वर्चुअल वर्ल्ड, महिलाएं ऐसे फरेबी रिश्तों को समय रहते समझें।

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