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पक्षियों की राेचक दुनिया के रोमांच

07:34 AM Jun 07, 2024 IST
पक्षियों की राेचक दुनिया के रोमांच
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के.पी. सिंह
पक्षी इंसानों की तरह ही न केवल दिमागदार होते हैं बल्कि जरूरत पड़ने पर त्वरित तौर पर सीखते भी हैं। इसीलिए प्राचीन काल में पक्षियों को गुप्त सन्देश लाने ले जाने के लिए बकायदा ट्रेंड किया जाता रहा है। माना जाता है कि आधुनिक संचार व्यवस्था की शुरुआत इन्हीं से हुई है।
क्या आपने कभी सोचा है कि पक्षी आखिर संदेश किस तरह पहुंचाते रहे होंगे ? जी नहीं ये सिर्फ चोंच में दबाकर चिट्ठियां भर इधर से उधर नहीं ले जाते थे। दरअसल, ये विभिन्न तरीकों तथा आवाज, अभिनय तथा अपने शरीर पर पहनाये गये अलग-अलग तरह के अभूषणों द्वारा संदेश लाने और ले जाने का काम किया करते थे। तोते जैसे कुछ पक्षी तो अपनी विशिष्ट आवाज से बकायदा बातें कर लेते थे। इस्राइल के ज्ञानी राजा सोलोमन के बारे में तो कहा जाता है कि वह पक्षियों से घंटों बातें किया करते थे। पक्षी वैज्ञानिकों ने अपने विस्तृत ऑब्जर्वेशन और अध्ययन में पाया है कि पक्षी भी दोस्ताना भावनाएं रखते हैं, जो कि उनके द्वारा सीखी गयी होती हैं। पक्षी सीमित मात्रा में सीखने की अद्भुत क्षमता रखते हैं। यहां तक कि इनमें दोस्त व दुश्मन को भी पहचानने की सलाहियत होती है। यही कारण है कि कुछ पालतू पक्षी अपने राजाओं को समय-समय उनके कपटी दोस्तों और शुभचिंतकों से सावधान भी करते थे।
पक्षियों के पास संचार के लिए दर्जनों हावभाव और संकेत होते हैं। जब सिखाये पढ़ाये यानी ट्रेंड पक्षी अपने कान खुजलाते हैं तो वह खुजलीभर नहीं मिटा रहे होते बल्कि कोई संदेश पास कर रहे होते हैं। पक्षियों में जन्म से ही अपने माता-पिता को पहचानने की अद्भुत क्षमता होती है। पक्षियों के बच्चे, जहां भी मां-बाप जाते हैं, उनके पीछे-पीछे ही घूमते रहते हैं। इसका मतलब है कि पक्षियों में सोचने, समझने की शक्ति होती है। अधिकतर पक्षी अपने रहने के लिए घोसले इतने मजबूत बनाते हैं कि ये कई साल तक हर मौसम में टिके रहते हैं। सभी पक्षियों के पंख हम इंसानों को देखने में एक जैसे लगते हैं, लेकिन ये एक जैसे होते नहीं। इनमें उड़ने की क्षमताएं भी अलग-अलग होती हैं। कुछ पक्षी बिना पंख फड़फड़ाये अधिक ऊंचाई पर लम्बे समय तक वातावरण के ऊष्मीय वायु प्रवाह की मदद से उड़ते रहते हैं। लेकिन कुछ केवल छोटी उड़ान ही भर सकते हैं।
पक्षियों में कुल कितने पंख होते हैं? आज तक इस विषय में भी अनिश्चितता बनी हुई है। वैसे वैज्ञानिक दृष्टि में गाने वाले पक्षियों में औसतन 1,100 से 4,600 तक पंख पाये जाते हैं। आज तक वैज्ञानिक ठीक-ठीक इस बात का पता नहीं लगा सके हैं कि पक्षियों के स्थानांतरण यानी एक जगह से दूसरी जगह जाने का ठोस कारण क्या है? जितने भी हवाई जहाज आज उड़ रहे हैं सभी पक्षियों के पंखों के आधार पर ही बनाये गए हैं। विमानों और पक्षियों के पंखों के नीचे हवा का दाब पंखों के ऊपर की अपेक्षा अधिक होने से ये दीर्घकाल तक हवा में रह सकते हैं। दोनों अपनी पूंछ की मदद से दिशा बदल सकते हैं। पानी में रहने वाले पक्षी केवल तैरते रहते हैं और कुछ ऐसे भी हैं जो सिर्फ पैरों पर चलते हैं। खाने-पीने के अलावा चोंच इनकी भी रक्षा करती है, कुछ की चोंच तो इतनी मजबूत होती है कि बंदरों व सांपों तक को घायल कर देती है। हालांकि, बड़े पक्षी अपना शिकार चोंच की बजाय पैरों से भी पकड़ते हैं। इस तरह देखा जाये पक्षियों की दुनिया भी बेहद रोचक और रोमांचक है। इमेज रिफ्लेक्शन सेंटर

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